बांका में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और प्रमुख जलाशयों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में पर्यटन विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में ओढ़नी डैम एवं चांदन डैम को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने तथा पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। इको-टूरिज्म के रूप में किया जाएगा विकसित बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दोनों जलाशयों के आसपास पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने वन विभाग के माध्यम से इन स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही, सिंचाई विभाग से संबंधित भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया नियमानुसार जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। बांका की प्राकृतिक सुंदरता को मिलेगी नई पहचान ओढ़नी डैम से सटी भूमि के अधिग्रहण और पर्यटन विकास से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर सभी जरूरी कार्यों में तेजी लाने को कहा, ताकि पर्यटन विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिले के प्रमुख जलाशयों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने से बांका की प्राकृतिक सुंदरता को नई पहचान मिलेगी। इससे पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। प्रशासन का उद्देश्य बांका को पर्यटन के मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाना है। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया गया। बांका में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने और प्रमुख जलाशयों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में पर्यटन विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में ओढ़नी डैम एवं चांदन डैम को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने तथा पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। इको-टूरिज्म के रूप में किया जाएगा विकसित बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दोनों जलाशयों के आसपास पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने वन विभाग के माध्यम से इन स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही, सिंचाई विभाग से संबंधित भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया नियमानुसार जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। बांका की प्राकृतिक सुंदरता को मिलेगी नई पहचान ओढ़नी डैम से सटी भूमि के अधिग्रहण और पर्यटन विकास से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर सभी जरूरी कार्यों में तेजी लाने को कहा, ताकि पर्यटन विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिले के प्रमुख जलाशयों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने से बांका की प्राकृतिक सुंदरता को नई पहचान मिलेगी। इससे पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। प्रशासन का उद्देश्य बांका को पर्यटन के मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाना है। इसके लिए संबंधित विभागों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समन्वित प्रयास करने का निर्देश दिया गया।

