भागलपुर में दुर्गा पूजा को लेकर अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्सव के दौरान आग लगने की किसी भी घटना से निपटने के लिए विभाग अलर्ट पर है। जिले में 23 दमकल गाड़ियां तैनात की जाएंगी और इमरजेंसी के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। विभाग का मकसद श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखना है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज खुद पूजा पंडालों का निरीक्षण कर रहे हैं। वे पूजा समितियों को आग से बचाव के उपाय और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दे रहे हैं। दमकल गाड़ियों को तय जगहों पर तैनात किया जाएगा, ताकि आग की खबर मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंच सकें। पूजा पंडालों में बिजली के उपकरणों और सजावट के तारों से आग का खतरा रहता है। इसलिए विभाग बचाव के बजाय पहले से सावधानी बरतने पर जोर दे रहा है। पूजा समितियों के साथ बैठक, 22 बिंदुओं पर दिए गए निर्देश दुर्गा पूजा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से 8 तारीख को पूजा समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक की गई थी। बैठक में अनुसूची ‘अंग’ के कुल 22 बिंदुओं पर विस्तार से निर्देश दिए गए। पूजा आयोजकों को पंडाल निर्माण से लेकर बिजली की व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता तक सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने को कहा गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूजा पंडाल तैयार करने के दौरान केवल आकर्षक सजावट ही नहीं, बल्कि सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी होगी। पंडाल में आग लगने की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने और दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहनी चाहिए। पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर, चारों ओर 4 मीटर खाली जगह जरूरी अग्निशमन विभाग ने पूजा पंडालों के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार, किसी भी पूजा पंडाल की ऊंचाई 3 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही पंडाल के चारों ओर कम से कम 4 मीटर का खाली स्थान रखना आवश्यक बताया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल आग बुझाने में सहूलियत देना नहीं, बल्कि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना भी है। पंडाल के आसपास पर्याप्त जगह रहने से भगदड़ जैसी स्थिति में लोगों को बाहर निकलने का रास्ता मिल सकेगा। वहीं, आग लगने पर दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने और राहत कार्य करने में भी आसानी होगी। विभाग की ओर से पूजा समितियों को निर्देश दिया जा रहा है कि पंडाल के आसपास अनावश्यक सामान रखकर रास्तों को अवरुद्ध न किया जाए। सुरक्षा के लिहाज से प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। हर पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और बालू रखने की हिदायत जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज ने बताया कि सभी पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक पूजा पंडाल में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखने के साथ पानी से भरे ड्रम और बालू की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही बचाव का प्रयास किया जा सके। उन्होंने बिजली की व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पंडालों में लगाए जाने वाले बिजली के तारों की जांच करने और कहीं भी खुले जोड़ नहीं रहने देने का निर्देश दिया गया है। बिजली के तारों में लापरवाही या खराब उपकरणों के इस्तेमाल से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए आयोजकों को सजावट और रोशनी की व्यवस्था करते समय सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, लापरवाही से बचने की अपील दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में छोटी-सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। अग्निशमन विभाग का जोर इस बात पर है कि पूजा समितियां सुरक्षा इंतजामों को महज औपचारिकता न समझें, बल्कि गंभीरता से उनका पालन करें। जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज के नेतृत्व में पंडालों का निरीक्षण कर आयोजकों को जरूरी सावधानियों से अवगत कराया जा रहा है। विभाग की तैयारी है कि 24 घंटे कंट्रोल रूम की व्यवस्था, दमकल गाड़ियों की तैनाती और सुरक्षा मानकों की निगरानी के माध्यम से पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। भागलपुर में दुर्गा पूजा को लेकर अग्निशमन विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्सव के दौरान आग लगने की किसी भी घटना से निपटने के लिए विभाग अलर्ट पर है। जिले में 23 दमकल गाड़ियां तैनात की जाएंगी और इमरजेंसी के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। विभाग का मकसद श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखना है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज खुद पूजा पंडालों का निरीक्षण कर रहे हैं। वे पूजा समितियों को आग से बचाव के उपाय और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दे रहे हैं। दमकल गाड़ियों को तय जगहों पर तैनात किया जाएगा, ताकि आग की खबर मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंच सकें। पूजा पंडालों में बिजली के उपकरणों और सजावट के तारों से आग का खतरा रहता है। इसलिए विभाग बचाव के बजाय पहले से सावधानी बरतने पर जोर दे रहा है। पूजा समितियों के साथ बैठक, 22 बिंदुओं पर दिए गए निर्देश दुर्गा पूजा में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से 8 तारीख को पूजा समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक की गई थी। बैठक में अनुसूची ‘अंग’ के कुल 22 बिंदुओं पर विस्तार से निर्देश दिए गए। पूजा आयोजकों को पंडाल निर्माण से लेकर बिजली की व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता तक सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने को कहा गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूजा पंडाल तैयार करने के दौरान केवल आकर्षक सजावट ही नहीं, बल्कि सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी होगी। पंडाल में आग लगने की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने और दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहनी चाहिए। पंडाल की ऊंचाई कम से कम 3 मीटर, चारों ओर 4 मीटर खाली जगह जरूरी अग्निशमन विभाग ने पूजा पंडालों के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार, किसी भी पूजा पंडाल की ऊंचाई 3 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही पंडाल के चारों ओर कम से कम 4 मीटर का खाली स्थान रखना आवश्यक बताया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल आग बुझाने में सहूलियत देना नहीं, बल्कि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना भी है। पंडाल के आसपास पर्याप्त जगह रहने से भगदड़ जैसी स्थिति में लोगों को बाहर निकलने का रास्ता मिल सकेगा। वहीं, आग लगने पर दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने और राहत कार्य करने में भी आसानी होगी। विभाग की ओर से पूजा समितियों को निर्देश दिया जा रहा है कि पंडाल के आसपास अनावश्यक सामान रखकर रास्तों को अवरुद्ध न किया जाए। सुरक्षा के लिहाज से प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। हर पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी और बालू रखने की हिदायत जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज ने बताया कि सभी पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक पूजा पंडाल में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध रखने के साथ पानी से भरे ड्रम और बालू की व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही बचाव का प्रयास किया जा सके। उन्होंने बिजली की व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। पंडालों में लगाए जाने वाले बिजली के तारों की जांच करने और कहीं भी खुले जोड़ नहीं रहने देने का निर्देश दिया गया है। बिजली के तारों में लापरवाही या खराब उपकरणों के इस्तेमाल से आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए आयोजकों को सजावट और रोशनी की व्यवस्था करते समय सुरक्षा मानकों का पालन करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, लापरवाही से बचने की अपील दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में छोटी-सी चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। अग्निशमन विभाग का जोर इस बात पर है कि पूजा समितियां सुरक्षा इंतजामों को महज औपचारिकता न समझें, बल्कि गंभीरता से उनका पालन करें। जिला अग्निशमन पदाधिकारी रमन राज के नेतृत्व में पंडालों का निरीक्षण कर आयोजकों को जरूरी सावधानियों से अवगत कराया जा रहा है। विभाग की तैयारी है कि 24 घंटे कंट्रोल रूम की व्यवस्था, दमकल गाड़ियों की तैनाती और सुरक्षा मानकों की निगरानी के माध्यम से पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

