“3 साल पहले परवेज ने मेरी बहन को छत पर देखा था। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम पर रिक्वेस्ट भेजी और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। करीब एक साल में दोनों को प्यार हो गया और उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। 2024 में दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। करीब डेढ़ साल तक सब ठीक रहा, लेकिन परवेज के कमाई नहीं करने को लेकर 6 महीने पहले दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। धीरे-धीरे झगड़े बढ़ने लगे। रविवार को भी पैसों को लेकर दोनों में लड़ाई हुई। इसके बाद पहले परवेज ने फांसी लगाई और फिर मेरी बहन ने भी सुसाइड कर लिया।” यह कहना है मृतका सोनी परवीन (23) की छोटी बहन का। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में बहन और जीजा की लव स्टोरी से लेकर शादी और रिश्ते में बढ़ते तनाव के बारे में फोन पर बताया है। दरअसल, रविवार को मोतिहरी में पति-पत्नी का फंदे से लटका हुआ शव मिला था। घटना हरसिद्धि थाना इलाके की है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… छत पर रील बनाते देखा, इंस्टाग्राम से शुरू हुई बातचीत सोनी की छोटी बहन के मुताबिक, परवेज मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र का रहने वाला था, जबकि सोनी मलाही थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। करीब तीन साल पहले सोनी छुट्टियां बिताने अपने मामा के घर गई थी। परवेज भी उसी इलाके में अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था। एक दिन सोनी छत पर रील बना रही थी। इसी दौरान परवेज की नजर उस पर पड़ी। उसने बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं कर पाया। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम ID ढूंढी और फिर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। उसकी तस्वीरों को लाइक करने और कमेंट करने के साथ मैसेज भी भेजने लगा। बहन के मुताबिक, शुरुआत में सोनी ने जवाब नहीं दिया। करीब एक महीने तक लगातार मैसेज आने के बाद उसने बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे दोनों देर रात तक चैटिंग करने लगे। जब सोनी को परवेज पर भरोसा हुआ तो उसने अपना मोबाइल नंबर साझा कर दिया। इसके बाद दोनों घंटों फोन पर बात करने लगे। करीब 6 महीने तक बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा। कभी मंदिर में तो कभी बाजार में दोनों मिलते थे। इसी दौरान उन्होंने शादी करने का फैसला किया। 6 महीने बाद दोनों परिवारों ने अपनाया सोनी की बहन के मुताबिक, दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ घर से भागकर 2024 में शादी कर ली। इसके बाद वे मोतिहारी में किराए के मकान में रहने लगे। शुरुआत में दोनों परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। शादी को लेकर विवाद भी हुआ। करीब छह महीने बाद परवेज के माता-पिता सोनी के घर पहुंचे। दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और पंचायत बैठी। इसके बाद परिवारों ने रिश्ते को स्वीकार करने का फैसला किया। बहन के मुताबिक, दोनों परिवारों ने माना कि बच्चे अभी छोटे हैं। अगर उन्होंने शादी करके गलती भी की है तो परिवार को उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिए। इसके बाद सोनी को परवेज के घर में रहने की मंजूरी मिल गई। डेढ़ साल तक दोनों की शादी सही चली, इसके बाद विवाद बढ़ने लगा। सोनी चाहती थी परवेज नौकरी करे सोनी की बहन ने बताया, घटना से करीब छह महीने पहले दीदी ने परवेज से नौकरी करने को कहा था। दीदी का कहना था कि वह दिनभर घर पर रहता है, न पढ़ाई कर रहा है और ना कमाई। अगर वह काम करेगा तो घर में पैसे आएंगे और दोनों को परेशानी नहीं होगी। सोनी चाहती थी कि परवेज कमाए, ताकि वह भी अपनी पढ़ाई जारी रख सके। सोनी इंजीनियर बनना चाहती थी। शादी के बाद दोनों के लिए पढ़ाई और कामकाज के बीच तालमेल बैठाना आसान नहीं था। इसी बीच करीब दो महीने पहले सोनी ने दिल्ली के एक कॉलेज में ऑफलाइन इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की। पिछले करीब छह महीने से दोनों के बीच पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता था। सोनी तनाव में रहती थी और पूछने पर कभी-कभी मुझसे अपनी परेशानियां साझा करती थी। घटना से 4 घंटे पहले दीदी ने पिता से की थी बात सोनी की छोटी बहन के मुताबिक, घटना वाली रात करीब 8 बजे दीदी ने पिता को फोन किया था। आधे घंटे तक परिवार के लोगों से सामान्य बातचीत हुई। किसी को ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह किसी बड़ी परेशानी से गुजर रही है। रात करीब 12 बजे परिवार को फोन आया कि सोनी और परवेज की मौत हो गई है। कुछ घंटे पहले ही सामान्य बातचीत होने के कारण परिवार को ऐसी घटना का अंदेशा नहीं था। रविवार को दोनों को एक पार्टी में जाना था। इसी दौरान दोनों के बीच फिर से पैसों को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद सोनी कमरे से बाहर चली गई। करीब एक घंटे बाद सोनी घर लौटी तो उसने परवेज को फंदे से लटका देखा। इसके बाद उसने घरवालों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और परवेज को सदर अस्पताल ले जाने के बजाय गांव के एक डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर लौट आए। परवेज का शव घर लाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान सोनी कमरे में गई और फंदे से लटककर जान दे दी। घटना की जानकारी जब आसपास के लोगों को मिली तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने पर अरेराज डीएसपी पंकज कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल की जांच की। पुलिस अब दोनों की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिजनों और आसपास के लोगों के बयान और पोस्टमॉर्टम से संबंधित रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण होंगे। रील से जुड़ी तस्वीरें देखिए… रील बनाने का था शौक, सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थे दोनों परवेज और सोनी को रील बनाने का काफी शौक था। दोनों इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते थे। दोनों के नाम से दो-दो अकाउंट है। सोशल मीडिया पर दोनों की गतिविधियां उनके रिश्ते की कहानी का एक हिस्सा रही हैं। इंस्टाग्राम पर बातचीत से शुरू हुआ रिश्ता आगे चलकर शादी तक पहुंचा था। दोनों मुस्लिम थे, लेकिन हिंदू पर्व भी धूमधाम से मनाते थे। इससे जुड़े फोटो और वीडियो उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किए थे। हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार का कहना है कि परिजन दोनों का अंतिम संस्कार चुपचाप करना चाहते थे। वे किसी कानूनी मामले में नहीं पड़ना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी। बाद में आसपास के लोगों से पुलिस को मामले की जानकारी मिली। “3 साल पहले परवेज ने मेरी बहन को छत पर देखा था। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम पर रिक्वेस्ट भेजी और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। करीब एक साल में दोनों को प्यार हो गया और उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। 2024 में दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। करीब डेढ़ साल तक सब ठीक रहा, लेकिन परवेज के कमाई नहीं करने को लेकर 6 महीने पहले दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। धीरे-धीरे झगड़े बढ़ने लगे। रविवार को भी पैसों को लेकर दोनों में लड़ाई हुई। इसके बाद पहले परवेज ने फांसी लगाई और फिर मेरी बहन ने भी सुसाइड कर लिया।” यह कहना है मृतका सोनी परवीन (23) की छोटी बहन का। उन्होंने दैनिक भास्कर से बातचीत में बहन और जीजा की लव स्टोरी से लेकर शादी और रिश्ते में बढ़ते तनाव के बारे में फोन पर बताया है। दरअसल, रविवार को मोतिहरी में पति-पत्नी का फंदे से लटका हुआ शव मिला था। घटना हरसिद्धि थाना इलाके की है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… छत पर रील बनाते देखा, इंस्टाग्राम से शुरू हुई बातचीत सोनी की छोटी बहन के मुताबिक, परवेज मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र का रहने वाला था, जबकि सोनी मलाही थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। करीब तीन साल पहले सोनी छुट्टियां बिताने अपने मामा के घर गई थी। परवेज भी उसी इलाके में अपने रिश्तेदार के यहां आया हुआ था। एक दिन सोनी छत पर रील बना रही थी। इसी दौरान परवेज की नजर उस पर पड़ी। उसने बात करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं कर पाया। इसके बाद उसने इंस्टाग्राम ID ढूंढी और फिर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। उसकी तस्वीरों को लाइक करने और कमेंट करने के साथ मैसेज भी भेजने लगा। बहन के मुताबिक, शुरुआत में सोनी ने जवाब नहीं दिया। करीब एक महीने तक लगातार मैसेज आने के बाद उसने बातचीत शुरू की। धीरे-धीरे दोनों देर रात तक चैटिंग करने लगे। जब सोनी को परवेज पर भरोसा हुआ तो उसने अपना मोबाइल नंबर साझा कर दिया। इसके बाद दोनों घंटों फोन पर बात करने लगे। करीब 6 महीने तक बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला चलता रहा। कभी मंदिर में तो कभी बाजार में दोनों मिलते थे। इसी दौरान उन्होंने शादी करने का फैसला किया। 6 महीने बाद दोनों परिवारों ने अपनाया सोनी की बहन के मुताबिक, दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ घर से भागकर 2024 में शादी कर ली। इसके बाद वे मोतिहारी में किराए के मकान में रहने लगे। शुरुआत में दोनों परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। शादी को लेकर विवाद भी हुआ। करीब छह महीने बाद परवेज के माता-पिता सोनी के घर पहुंचे। दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और पंचायत बैठी। इसके बाद परिवारों ने रिश्ते को स्वीकार करने का फैसला किया। बहन के मुताबिक, दोनों परिवारों ने माना कि बच्चे अभी छोटे हैं। अगर उन्होंने शादी करके गलती भी की है तो परिवार को उन्हें स्वीकार कर लेना चाहिए। इसके बाद सोनी को परवेज के घर में रहने की मंजूरी मिल गई। डेढ़ साल तक दोनों की शादी सही चली, इसके बाद विवाद बढ़ने लगा। सोनी चाहती थी परवेज नौकरी करे सोनी की बहन ने बताया, घटना से करीब छह महीने पहले दीदी ने परवेज से नौकरी करने को कहा था। दीदी का कहना था कि वह दिनभर घर पर रहता है, न पढ़ाई कर रहा है और ना कमाई। अगर वह काम करेगा तो घर में पैसे आएंगे और दोनों को परेशानी नहीं होगी। सोनी चाहती थी कि परवेज कमाए, ताकि वह भी अपनी पढ़ाई जारी रख सके। सोनी इंजीनियर बनना चाहती थी। शादी के बाद दोनों के लिए पढ़ाई और कामकाज के बीच तालमेल बैठाना आसान नहीं था। इसी बीच करीब दो महीने पहले सोनी ने दिल्ली के एक कॉलेज में ऑफलाइन इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की। पिछले करीब छह महीने से दोनों के बीच पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता था। सोनी तनाव में रहती थी और पूछने पर कभी-कभी मुझसे अपनी परेशानियां साझा करती थी। घटना से 4 घंटे पहले दीदी ने पिता से की थी बात सोनी की छोटी बहन के मुताबिक, घटना वाली रात करीब 8 बजे दीदी ने पिता को फोन किया था। आधे घंटे तक परिवार के लोगों से सामान्य बातचीत हुई। किसी को ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वह किसी बड़ी परेशानी से गुजर रही है। रात करीब 12 बजे परिवार को फोन आया कि सोनी और परवेज की मौत हो गई है। कुछ घंटे पहले ही सामान्य बातचीत होने के कारण परिवार को ऐसी घटना का अंदेशा नहीं था। रविवार को दोनों को एक पार्टी में जाना था। इसी दौरान दोनों के बीच फिर से पैसों को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद सोनी कमरे से बाहर चली गई। करीब एक घंटे बाद सोनी घर लौटी तो उसने परवेज को फंदे से लटका देखा। इसके बाद उसने घरवालों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और परवेज को सदर अस्पताल ले जाने के बजाय गांव के एक डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर लौट आए। परवेज का शव घर लाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान सोनी कमरे में गई और फंदे से लटककर जान दे दी। घटना की जानकारी जब आसपास के लोगों को मिली तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने पर अरेराज डीएसपी पंकज कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल की जांच की। पुलिस अब दोनों की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिजनों और आसपास के लोगों के बयान और पोस्टमॉर्टम से संबंधित रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण होंगे। रील से जुड़ी तस्वीरें देखिए… रील बनाने का था शौक, सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थे दोनों परवेज और सोनी को रील बनाने का काफी शौक था। दोनों इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहते थे। दोनों के नाम से दो-दो अकाउंट है। सोशल मीडिया पर दोनों की गतिविधियां उनके रिश्ते की कहानी का एक हिस्सा रही हैं। इंस्टाग्राम पर बातचीत से शुरू हुआ रिश्ता आगे चलकर शादी तक पहुंचा था। दोनों मुस्लिम थे, लेकिन हिंदू पर्व भी धूमधाम से मनाते थे। इससे जुड़े फोटो और वीडियो उन्होंने इंस्टाग्राम पर साझा किए थे। हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार का कहना है कि परिजन दोनों का अंतिम संस्कार चुपचाप करना चाहते थे। वे किसी कानूनी मामले में नहीं पड़ना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी। बाद में आसपास के लोगों से पुलिस को मामले की जानकारी मिली।

