कटिहार के बाढ़ प्रभावित अमदाबाद प्रखंड में गंगा नदी का भीषण कटाव लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। पार दियारा ग्राम पंचायत के युसूफ टोला में पिछले कई दिनों से जारी कटाव के कारण आधा दर्जन से अधिक घर नदी में समा चुके हैं। आसपास के अन्य घरों पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है। स्थिति को देखते हुए कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… खेत-खलिहान और बड़े-बड़े पेड़ भी नदी में समाए कटाव से केवल घर ही नहीं, बल्कि खेत-खलिहान और बड़े-बड़े पेड़ भी नदी में समा रहे हैं। इस बीच कटाव का एक लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें नदी किनारे की जमीन गंगा में समाती दिखाई दे रही है। लगातार जमीन कटने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को डर है कि यदि कटाव इसी तरह जारी रहा तो उनके बचे हुए घर भी नदी में समा जाएंगे। बाढ़ का पानी उतरने के बाद बढ़ी मुश्किलें स्थानीय निवासी मोहम्मद वजीर आलम, जलालुद्दीन और मोहम्मद हयात समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कटाव लगातार जारी है। कई परिवार अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ का पानी उतरने के बाद वे घरों की साफ-सफाई कर दोबारा रहने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन गंगा के कटाव ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब उनके सामने घर और खेती की जमीन बचाने की चुनौती है। बांस का रोल डालकर रोकथाम की कोशिश कटाव प्रभावित इलाके में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की ओर से बांस का रोल डालकर कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि इससे कटाव पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से प्रभावित स्थल पर बोल्डर पिचिंग कराने की मांग की है, ताकि कटाव को रोककर बचे हुए घरों और जमीन को सुरक्षित किया जा सके। कटिहार के बाढ़ प्रभावित अमदाबाद प्रखंड में गंगा नदी का भीषण कटाव लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। पार दियारा ग्राम पंचायत के युसूफ टोला में पिछले कई दिनों से जारी कटाव के कारण आधा दर्जन से अधिक घर नदी में समा चुके हैं। आसपास के अन्य घरों पर भी कटाव का खतरा मंडरा रहा है। स्थिति को देखते हुए कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं। देखें, मौके से आई तस्वीरें… खेत-खलिहान और बड़े-बड़े पेड़ भी नदी में समाए कटाव से केवल घर ही नहीं, बल्कि खेत-खलिहान और बड़े-बड़े पेड़ भी नदी में समा रहे हैं। इस बीच कटाव का एक लाइव वीडियो सामने आया है, जिसमें नदी किनारे की जमीन गंगा में समाती दिखाई दे रही है। लगातार जमीन कटने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को डर है कि यदि कटाव इसी तरह जारी रहा तो उनके बचे हुए घर भी नदी में समा जाएंगे। बाढ़ का पानी उतरने के बाद बढ़ी मुश्किलें स्थानीय निवासी मोहम्मद वजीर आलम, जलालुद्दीन और मोहम्मद हयात समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कटाव लगातार जारी है। कई परिवार अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ का पानी उतरने के बाद वे घरों की साफ-सफाई कर दोबारा रहने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन गंगा के कटाव ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब उनके सामने घर और खेती की जमीन बचाने की चुनौती है। बांस का रोल डालकर रोकथाम की कोशिश कटाव प्रभावित इलाके में बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल की ओर से बांस का रोल डालकर कटाव रोकने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि इससे कटाव पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभाग से प्रभावित स्थल पर बोल्डर पिचिंग कराने की मांग की है, ताकि कटाव को रोककर बचे हुए घरों और जमीन को सुरक्षित किया जा सके।

