केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राहुल गांधी के ‘शिव तांडव’ वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने गयाजी में कहा कि राजनीतिक बयानबाजी से पहले संविधान और न्यायालय का सम्मान करना सीखना चाहिए। मांझी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से ऐसे बयानों की जरूरत पर सोचने को कहा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामलों पर भी बात की। मांझी ने कहा कि यदि कोई मामला कोर्ट में है, तो न्यायिक प्रक्रिया और उसकी गरिमा का सम्मान हो। उन्होंने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग के बाद अब सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाने का आरोप लगाया। मांझी ने कहा कि संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। सभी दलों को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से कहा कि जब देश विकास पर काम कर रहा है, तब उन्हें भी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। ‘जनता समय आने पर जवाब देगी’ मांझी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता राजनीतिक बयानबाजी के जरिए चर्चा में बने रहने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से देश की जनता पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। जनता नेताओं के कामकाज और उनकी नीतियों को देखती है और समय आने पर अपने मताधिकार के जरिए जवाब देती है।
राजनीतिक दलों को जनता के मुद्दों पर काम करना चाहिए तेजस्वी यादव के दिल्ली जाने से संबंधित सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल नेता अपनी राजनीतिक गतिविधियों के लिए दिल्ली जा सकते हैं। उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। मांझी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। राजनीतिक दलों को केवल बयानबाजी और विरोध तक सीमित रहने के बजाय जनता के मुद्दों पर काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता विकास और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अंतर समझती है और समय आने पर अपना फैसला सुनाएगी। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने राहुल गांधी के ‘शिव तांडव’ वाले बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने गयाजी में कहा कि राजनीतिक बयानबाजी से पहले संविधान और न्यायालय का सम्मान करना सीखना चाहिए। मांझी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने राहुल गांधी से ऐसे बयानों की जरूरत पर सोचने को कहा। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से जुड़े मामलों पर भी बात की। मांझी ने कहा कि यदि कोई मामला कोर्ट में है, तो न्यायिक प्रक्रिया और उसकी गरिमा का सम्मान हो। उन्होंने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग के बाद अब सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाने का आरोप लगाया। मांझी ने कहा कि संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। सभी दलों को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से कहा कि जब देश विकास पर काम कर रहा है, तब उन्हें भी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। ‘जनता समय आने पर जवाब देगी’ मांझी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता राजनीतिक बयानबाजी के जरिए चर्चा में बने रहने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से देश की जनता पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। जनता नेताओं के कामकाज और उनकी नीतियों को देखती है और समय आने पर अपने मताधिकार के जरिए जवाब देती है।
राजनीतिक दलों को जनता के मुद्दों पर काम करना चाहिए तेजस्वी यादव के दिल्ली जाने से संबंधित सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंडिया गठबंधन में शामिल नेता अपनी राजनीतिक गतिविधियों के लिए दिल्ली जा सकते हैं। उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। मांझी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। राजनीतिक दलों को केवल बयानबाजी और विरोध तक सीमित रहने के बजाय जनता के मुद्दों पर काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता विकास और राजनीतिक बयानबाजी के बीच अंतर समझती है और समय आने पर अपना फैसला सुनाएगी।

