कानपुर में रोडवेज बस ने सब्जी कारोबारी को कुचला, मौत:परिजन बोले- पास में खड़ी थी पुलिस PRV, समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया

कानपुर में रोडवेज बस ने सब्जी कारोबारी को कुचला, मौत:परिजन बोले- पास में खड़ी थी पुलिस PRV, समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया

कानपुर के नवाबगंज में शनिवार देर रात तेज रफ्तार रोडवेज बस की टक्कर से सब्जी कारोबारी की मौत हो गई। आरोप है कि टक्कर के बाद भागने की कोशिश में चालक ने कारोबारी को कुचल दिया। हादसे के बाद घायल सड़क पर खून से लथपथ हालत में पड़े रहे। परिजनों का आरोप है कि पास में पुलिस की PRV मौजूद थी, लेकिन समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया। बाद में उन्हें LLR अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से नाराज परिजनों ने नवाबगंज थाने का घेराव कर हंगामा किया। उन्होंने बस चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी। दुकान बंद कर पैदल घर लौट रहे थे कारोबारी नवाबगंज थाना क्षेत्र में चिड़ियाघर के पास रहने वाले 35 वर्षीय सुनित निषाद अमरूद मंडी में सब्जी का थोक कारोबार करते थे। परिवार में पत्नी काजल, बेटी कीर्ति, बेटा रुद्रांश, मां शकुंतला, पिता कन्हैयालाल और भाई सुनील, सुधीर व अमरजीत हैं। मृतक के भाई सुनील के मुताबिक, शनिवार देर शाम सुनित दुकान बंद करने के बाद पैदल घर लौट रहे थे। वह गंगा बैराज जाने वाली सड़क के पीछे पेट्रोल पंप के पास पहुंचे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों का आरोप है कि बस चालक ने रुककर घायल की मदद करने के बजाय भागने की कोशिश की और इसी दौरान उन्हें कुचल दिया। सुनित सड़क पर खून से लथपथ हालत में पड़े रहे। ‘समय पर अस्पताल पहुंचाते तो बच सकती थी जान’ परिजनों का आरोप है कि घटनास्थल से कुछ दूरी पर पुलिस की PRV मौजूद थी, लेकिन घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि समय पर इलाज मिल जाता तो सुनित की जान बच सकती थी। परिजनों के मुताबिक, राहगीरों के कहने पर पुलिसकर्मी सुनित को LLR अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर परिवार के लोग आक्रोशित हो गए और नवाबगंज थाने पहुंचकर घेराव किया। परिजनों ने आरोपी बस चालक की गिरफ्तारी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को मुआवजा देने की मांग की। देर रात तक थाने के बाहर हंगामा होता रहा। एडीसीपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा हंगामे की सूचना पर एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उनकी शिकायत सुनी और कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी बस चालक की तलाश शुरू कर दी है। एडीसीपी सेंट्रल डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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