श्रीगंगानगर जिले के पदमपुर क्षेत्र में 40 फीट गहरे बोरवेल में गिरी नीलगाय को आखिरकार 16 घंटे बाद रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। नीलगाय शुक्रवार शाम 5:30 बजे गांव 4 एनएन चानणा धाम के चक 4 सीसी में एक मोघे पर बने बोरवेल में गिर गई थी। जिसके बाद ग्रामीणों, किसानों और वन्यजीव प्रेमियों ने वन विभाग को सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार सुबह करीब 10 बजे नीलगाय को बाहर निकाल लिया गया। 16 घंटे बाद किया रेस्क्यू मामले को लेकर श्रीगंगानगर के डीएफओ से भी संपर्क किया गया। डीएफओ ने एक्शन लेते हुए श्रीगंगानगर वन विभाग की टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद रायसिंहनगर और श्रीगंगानगर वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दोनों टीमों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद सुबह करीब 10 बजे नीलगाय को बाहर निकाल लिया। लोगों ने रेंजर पर आपोर लगाया सभी ने नीलगाय के बोरवेल में गिरने की सूचना रायसिंहनगर वन विभाग के रेंजर को दी था। लोगों का आरोप है कि रेंजर ने मौके पर पहुंचने के बजाय घटनास्थल को श्रीगंगानगर वन विभाग के क्षेत्राधिकार में बताते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इस घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जब एक वन्यजीव 40 फीट गहरे बोरवेल में फंसा था, तब तत्काल रेस्क्यू शुरू करने के बजाय क्षेत्राधिकार को लेकर असमंजस क्यों बना रहा। इस बात से ग्रामीणों में आक्रोश है।

