डीएपी खाद के लिए किसानों का हंगामा:जालौन में सूची से बांटने की मांग, बोले- जब सहमति से क्रम तय तो धूप में क्यों लगाएं लाइन

डीएपी खाद के लिए किसानों का हंगामा:जालौन में सूची से बांटने की मांग, बोले- जब सहमति से क्रम तय तो धूप में क्यों लगाएं लाइन

जालौन के कोंच नगर की गल्ला मंडी स्थित पीसीएफ और एफसीआई गोदाम पर शनिवार सुबह डीएपी खाद के वितरण को लेकर किसानों ने हंगामा किया। सुबह करीब 10:30 बजे जगनपुरा, तीतरा, पचीपुरी और चमरउआ समेत कई गांवों से पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें तय क्रम से खाद नहीं मिल रही है। किसानों ने मांग की कि पहले से तैयार सूची के अनुसार नाम पुकारकर खाद दी जाए, ताकि उन्हें तेज धूप में लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े। किसानों का कहना था कि कोई सुबह चार बजे पहुंचा तो कोई पांच, सात या आठ-नौ बजे गोदाम आया। सभी ने आपसी सहमति से आने के क्रम में नाम लिखे और दावा किया कि सूची में करीब 150 से 250 किसानों के नाम शामिल हैं। उनका कहना था कि इस व्यवस्था का उद्देश्य विवाद करना नहीं, बल्कि खाद वितरण को व्यवस्थित बनाना है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत कराया। एआर कोऑपरेटिव ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। सूची बनी है तो धूप में क्यों खड़े हों गोदाम पहुंचे अरविंद, प्रवीण, मोहित, प्रहलाद, राजेश, बब्बू, जितेंद्र, हरि कुमार, नीरज, पंकज, वीरेंद्र और नरोत्तम समेत अन्य किसानों ने बताया कि उन्होंने आपसी सहमति से सूची तैयार की थी। इसमें किसानों के आने के समय के अनुसार नाम दर्ज किए गए थे। उनकी मांग थी कि कर्मचारी सूची से नाम पुकारें और संबंधित किसान को खाद दे दें। एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा, “बाबूजी कह रहे हैं कि धूप में लाइन लगाइए। जब हम लोगों ने आपसी सहमति से सूची बना ली है तो फिर धूप में क्यों खड़े हों? इतनी धूप में किसान घंटों खड़ा रहेगा तो उसकी तबीयत खराब हो सकती है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?” कई गांवों के किसानों ने मिलकर बनाई सूची किसानों के मुताबिक, गोदाम पर अलग-अलग गांवों से आए लोगों ने ऐसी व्यवस्था बनाई थी, जिससे पहले आने वाले किसान को पहले खाद मिल सके। उनका दावा था कि सूची किसी एक गांव या व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि सभी किसानों की सहमति से तैयार की गई थी। किसान चाहते थे कि वितरण में इसी क्रम का पालन किया जाए, ताकि बार-बार लाइन में लगने और घंटों इंतजार करने से राहत मिले। हालांकि, मौके पर सूची को लेकर अलग-अलग बातें भी सामने आईं। कुछ लोगों ने सूची तैयार होने की बात कही, जबकि एक व्यक्ति ने कहा कि कोई नई सूची नहीं बन रही है। बातचीत के दौरान कुछ लोगों ने खाद वितरण में गड़बड़ी होने से भी इनकार किया। ऐसे में वितरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। एसडीएम और तहसीलदार से शिकायत का दावा प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि उन्होंने समस्या को लेकर एसडीएम और तहसीलदार से भी संपर्क किया। किसानों ने अधिकारियों से मांग की कि गोदाम पर पहले से तैयार सूची के अनुसार खाद का वितरण कराया जाए। उनका कहना था कि सभी किसान इस व्यवस्था पर सहमत हैं और केवल अपने तय क्रम से खाद लेना चाहते हैं। किसानों ने वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग करते हुए कहा कि खाद लेने के लिए सुबह से इंतजार करने के बावजूद यदि तय क्रम का पालन नहीं होगा तो परेशानी बनी रहेगी। उनका कहना था कि सूची के आधार पर नाम पुकारने से भीड़ और अव्यवस्था को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। पुलिस ने संभाला मोर्चा गोदाम पर हंगामे की सूचना मिलने पर मंडी चौकी इंचार्ज राकेश पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की और उन्हें समझाकर शांत कराया। इसके बाद किसानों ने खाद वितरण में पारदर्शिता रखने और उनकी मांग पर विचार करने की बात दोहराई। मामले में एआर कोऑपरेटिव शिव कुमार ने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। यदि वितरण प्रणाली में किसी तरह की गड़बड़ी हो रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, किसानों की शिकायत और सूची को लेकर सामने आए विरोधाभासी दावों के बीच विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वितरण में कोई गड़बड़ी हुई है या विवाद का कारण कतार और आपसी सहमति से तय क्रम को लेकर असहमति है।

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