सीहोर में पितृ मोक्ष अमावस्या पर नर्मदा नदी के बुधनी, आवली और नीलकंठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। सुबह से ही दूर-दराज से आए लोग नर्मदा के पवित्र जल में डुबकी लगाकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और दान-पुण्य कर रहे हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृ पक्ष का समापन पितृ मोक्ष अमावस्या पर होता है। इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान किया जाता है। मान्यता है कि इससे पूर्वजों को मोक्ष मिलता है और वे अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। जिन लोगों को अपने पितरों की मृत्यु की तिथि पता न हो, वे भी इस दिन श्राद्ध कर सकते हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह तैयार है। घाटों पर काफी पुलिस बल, गोताखोर और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। यातायात और पार्किंग के भी सही इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।

