महाराष्ट्र में MVA में फिर बढ़ी दरार, विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस-शिवसेना UBT आमने-सामने; NCP-SP से भी टकराव

महाराष्ट्र में MVA में फिर बढ़ी दरार, विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस-शिवसेना UBT आमने-सामने; NCP-SP से भी टकराव

Maharashtra Legislative Council Election: महाराष्ट्र में बीजेपी के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दल भले ही एकजुट रहने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन राज्यों में सीटों और उम्मीदवारों को लेकर उनके बीच मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर भी विधान परिषद चुनाव को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस और शिवसेना (UBT) अमरावती शिक्षक सीट पर आमने-सामने हैं, जबकि मराठवाड़ा स्नातक सीट पर शिवसेना (UBT) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी NCP-SP के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं।

पांच सीटों पर होना है विधान परिषद चुनाव

महाराष्ट्र में विधान परिषद की पांच सीटों के लिए चुनाव होने हैं। इनमें पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, पुणे शिक्षक, अमरावती शिक्षक और मराठवाड़ा स्नातक सीट शामिल हैं। तीनों दलों ने कुछ दिन पहले ही इन पांच सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन दो सीटों पर उम्मीदवारों को लेकर सहमति नहीं बन पाई। उम्मीदवारी दाखिल करने की अंतिम तारीख मंगलवार थी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। इसके बावजूद अमरावती शिक्षक और मराठवाड़ा स्नातक सीट पर MVA के घटक दलों के बीच समझौता नहीं हो सका है।

अमरावती में कांग्रेस और शिवसेना UBT आमने-सामने

इंडियान एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने अदिति पोहरे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि शिवसेना (UBT) ने दत्तात्रेय लहाने को मैदान में उतारा है। लहाने ने 6 अक्टूबर को शिवसेना के नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस ने 3 अक्टूबर को अदिति पोहरे के अलावा नागपुर स्नातक सीट से मौजूदा MLC अभिजीत वंजारी और पुणे शिक्षक सीट से मौजूदा MLC जयंत असगांवकर के नामों की घोषणा की थी।

अदिति पोहरे को स्थानीय आधार का फायदा

अदिति पोहरे ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा से कुछ दिन पहले ही कांग्रेस का दामन थामा था। वह अमरावती स्थित श्री शिवाजी एजुकेशन सोसाइटी के प्रमुख हर्षवर्धन देशमुख की बेटी हैं। इस संस्था से बड़ी संख्या में शिक्षक जुड़े हुए हैं। ऐसे में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पोहरे को स्थानीय स्तर पर मजबूत आधार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकृत शिक्षक मतदान करते हैं। इसलिए उम्मीदवारों के लिए स्थानीय शिक्षण संस्थानों और शिक्षक समुदाय के बीच पकड़ चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अमरावती सीट पर कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के आमने-सामने आने से MVA के भीतर चुनावी तालमेल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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