सीवान में बुधवार को SIR के मुद्दे, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस, राजद, VIP, माले समेत अन्य दलों के नेता और कार्यकर्ता महादेवा स्थित VM हाई स्कूल परिसर में जुटे। यहां से हाथों में झंडे-बैनर लेकर जुलूस निकाला गया। जुलूस मालवीय चौक और SDO कोर्ट होते हुए डीडीसी कार्यालय के समीप पहुंचा, जहां पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। समाहरणालय जाने वाली मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और महिला-पुरुष जवानों की तैनाती की गई थी। सदर SDO आशुतोष गुप्ता, सदर-1 प्रभारी SDPO अजय कुमार चौधरी, नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार, हुसैनगंज थाना प्रभारी मोहन प्रसाद सिंह समेत आधा दर्जन थानों के थानाध्यक्ष मौके पर मौजूद रहे। बैरिकेडिंग के पास पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने उसे हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के कारण उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को समाहरणालय जाने की अनुमति दी गई। इंडिया गठबंधन के पांच प्रमुख नेताओं ने जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम विजय प्रकाश मीणा को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। वकीलों को रास्ते से रोकने पर SDPO से नोकझोंक प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग को लेकर एक अन्य विवाद भी सामने आया। जिस रास्ते पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, उसी मार्ग से जिला जज समेत अन्य न्यायालयों में आने-जाने वाले वकील और आम लोग गुजरते हैं। प्रभारी SDPO अजय कुमार चौधरी ने कुछ समय के लिए वकीलों और अन्य लोगों को रास्ते से गुजरने से रोक दिया। इसे लेकर वकीलों और SDPO के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। बाद में SDO आशुतोष गुप्ता ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से पहले वकीलों और अन्य लोगों के लिए रास्ता खुलवाया। घटना को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी देखी गई। CEC का पुतला फूंका, SIR खत्म करने की मांग प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने SIR को समाप्त करने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में भी नारे लगाए। सीवान में बुधवार को SIR के मुद्दे, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस, राजद, VIP, माले समेत अन्य दलों के नेता और कार्यकर्ता महादेवा स्थित VM हाई स्कूल परिसर में जुटे। यहां से हाथों में झंडे-बैनर लेकर जुलूस निकाला गया। जुलूस मालवीय चौक और SDO कोर्ट होते हुए डीडीसी कार्यालय के समीप पहुंचा, जहां पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। समाहरणालय जाने वाली मुख्य सड़क पर बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और महिला-पुरुष जवानों की तैनाती की गई थी। सदर SDO आशुतोष गुप्ता, सदर-1 प्रभारी SDPO अजय कुमार चौधरी, नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार, हुसैनगंज थाना प्रभारी मोहन प्रसाद सिंह समेत आधा दर्जन थानों के थानाध्यक्ष मौके पर मौजूद रहे। बैरिकेडिंग के पास पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने उसे हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के कारण उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद प्रशासन की ओर से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को समाहरणालय जाने की अनुमति दी गई। इंडिया गठबंधन के पांच प्रमुख नेताओं ने जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर डीएम विजय प्रकाश मीणा को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। वकीलों को रास्ते से रोकने पर SDPO से नोकझोंक प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग को लेकर एक अन्य विवाद भी सामने आया। जिस रास्ते पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी, उसी मार्ग से जिला जज समेत अन्य न्यायालयों में आने-जाने वाले वकील और आम लोग गुजरते हैं। प्रभारी SDPO अजय कुमार चौधरी ने कुछ समय के लिए वकीलों और अन्य लोगों को रास्ते से गुजरने से रोक दिया। इसे लेकर वकीलों और SDPO के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई। बाद में SDO आशुतोष गुप्ता ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से पहले वकीलों और अन्य लोगों के लिए रास्ता खुलवाया। घटना को लेकर अधिवक्ताओं में नाराजगी देखी गई। CEC का पुतला फूंका, SIR खत्म करने की मांग प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया और उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने SIR को समाप्त करने और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में भी नारे लगाए।

