जमुई। लक्ष्मीपुर अंचल के टेंगहरा गांव में सरकारी जमीन पर दर्ज तीन निजी जमाबंदियों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रद्द कर दिया है। जांच में जमीन सरकारी गैरमजरुआ मालिक किस्म की पाई गई। इसके बाद जमाबंदी संख्या 435, 299 और 436 को रद्द करने का आदेश जारी किया गया। जमीन मौजा मोरम टोला, खाता संख्या 143 से जुड़ी है। दस्तावेज और राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई विभाग ने पक्षकारों के दस्तावेजों और राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर जमीन की जांच की। इसमें जमीन सरकारी पाई गई। तीनों जमाबंदियों को नियम विरुद्ध मानते हुए रद्द कर दिया गया। अब जमीन को राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाकर स्कूल बनाने की मांग की ग्रामीणों ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाकर वहां स्कूल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि जमीन एनएच से सटी हुई है और स्कूल निर्माण के लिए उपयुक्त है। निजी नाम दर्ज होने की भी जांच की मांग ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में निजी नाम कैसे दर्ज हुए, इसकी जांच की जाए। अब प्रशासन के सामने जमीन को सरकारी उपयोग में लाने और उसे अतिक्रमण से मुक्त कराने की चुनौती है। जमुई। लक्ष्मीपुर अंचल के टेंगहरा गांव में सरकारी जमीन पर दर्ज तीन निजी जमाबंदियों को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रद्द कर दिया है। जांच में जमीन सरकारी गैरमजरुआ मालिक किस्म की पाई गई। इसके बाद जमाबंदी संख्या 435, 299 और 436 को रद्द करने का आदेश जारी किया गया। जमीन मौजा मोरम टोला, खाता संख्या 143 से जुड़ी है। दस्तावेज और राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई विभाग ने पक्षकारों के दस्तावेजों और राजस्व कर्मियों की रिपोर्ट के आधार पर जमीन की जांच की। इसमें जमीन सरकारी पाई गई। तीनों जमाबंदियों को नियम विरुद्ध मानते हुए रद्द कर दिया गया। अब जमीन को राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाकर स्कूल बनाने की मांग की ग्रामीणों ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाकर वहां स्कूल बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि जमीन एनएच से सटी हुई है और स्कूल निर्माण के लिए उपयुक्त है। निजी नाम दर्ज होने की भी जांच की मांग ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में निजी नाम कैसे दर्ज हुए, इसकी जांच की जाए। अब प्रशासन के सामने जमीन को सरकारी उपयोग में लाने और उसे अतिक्रमण से मुक्त कराने की चुनौती है।

