जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के जीरो हेड (आईजीएनपी नहर) पर मंगलवार शाम एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने नहर में कूदकर सुसाइड कर ली। सुसाइड से पहले कॉन्स्टेबल ने एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें उसने अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। घटना के बाद मृतक के परिजनों और समाज के लोगों में आक्रोश है। वे नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीएचसी मोहनगढ़ की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। मृतक के भाई सूर्यदेव सिंह की रिपोर्ट पर मोहनगढ़ थाने में पत्नी और सास-ससुर सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। करीब 14 साल पहले हुई थी शादी पुलिस को दी रिपोर्ट में सूर्यदेव सिंह ने बताया- उनके भाई अनिरुद्ध सिंह की शादी 14 साल पहले राजलक्ष्मी के साथ हुआ था। आरोप है कि पिछले करीब 6 सालों से राजलक्ष्मी अपने पति से अलग रह रही थी। इस दौरान ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा अनिरुद्ध सिंह, प्रार्थी और उनके परिवार को कथित तौर पर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। मारपीट करने और आए दिन झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां देने के भी आरोप लगाए गए हैं। 5 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मुकदमा रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 5 अक्टूबर को पुलिस थाना कोतवाली, बाड़मेर में अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ एक झूठा मामला दर्ज करवाया था। इसके बाद आरोपियों ने फोन पर कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए जेल भिजवाने और बर्बाद करने की धमकियां दी गईं। परिजनों के अनुसार, लगातार मानसिक प्रताड़ना, अपमान और तनाव से आहत होकर अनिरुद्ध सिंह ने 6 अक्टूबर को एक वीडियो बनाकर मोहनगढ़ पर आईजीएनपी नहर में छलांग लगा दी। वीडियो में मारपीट का जिक्र किया था रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के बनाए गए वीडियो में नाथद्वारा की एक होटल में महेंद्र सिंह झाला और उनके पुत्र द्वारा अनिरुद्ध सिंह के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने की बात भी कही गई है। मृतक ने वीडियो में राजलक्ष्मी (पत्नी), विनोद कंवर (सास), नरपत सिंह (ससुर), लक्ष्मण सिंह (साला), खुशाल सिंह (साला), महेंद्र सिंह झाला (साले लक्ष्मण सिंह के ससुर, निवासी ग्राम सीसवी, डलवाड़ा, राजसमंद) और महेंद्र सिंह झाला के पुत्र (निवासी ग्राम सीसवी) को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। परिजन मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को मोहनगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की मॉर्च्युरी में रखवाया। फिलहाल पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। मृतक के छोटे भाई सूर्यदेव सिंह सहित अन्य परिजनों ने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे शव नहीं उठाएंगे और धरना जारी रखेंगे।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपनिरीक्षक एवं थानाधिकारी गुमान सिंह भाटी के निर्देशन में जांच और आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

