यूपी राज्यसभा चुनाव में दो निर्दलीय बिगाड़ न दें खेल:भाजपा-सपा में हलचल बढ़ी, विधान परिषद में 11 सीटों पर नामांकन

यूपी राज्यसभा चुनाव में दो निर्दलीय बिगाड़ न दें खेल:भाजपा-सपा में हलचल बढ़ी, विधान परिषद में 11 सीटों पर नामांकन

राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव में दो निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन से भाजपा और सपा में हलचल बढ़ गई है। हालांकि, दोनों के नामांकन पत्रों में कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच में यदि दोनों के पर्चे खारिज हो जाते हैं तो सपा के 2 और भाजपा के 8 समेत सभी 10 उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय हो जाएगा। नामांकन के अंतिम दिन भाजपा के धर्मपाल सिंह, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, राधाकांत ओझा, प्रियंका रावत, श्रुति गंगवार, प्रकाश पाल और राम प्रताप सिंह ने पर्चा दाखिल किया। निर्दलीय कांते सयाना ने 1 सितंबर को नामांकन किया था, जबकि ओंकार नाथ चौरसिया ने मंगलवार को अंतिम दिन पर्चा भरा। सपा की ओर से रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी ने नामांकन किया है। इस तरह 10 सीटों के लिए कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी। यदि दोनों निर्दलीयों के पर्चों में जरूरी 10-10 विधायक प्रस्तावक और समर्थक नहीं पाए गए तो नामांकन खारिज हो सकता है। 9 अक्टूबर तक नाम वापसी का मौका रहेगा। इसके बाद 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति साफ हो जाएगी। इनका कार्यकाल 26 नवंबर 2026 से शुरू होगा। विधान परिषद की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी मंगलवार को नामांकन का अंतिम दिन था। इनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। लखनऊ, मेरठ, वाराणसी, आगरा और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीटों के साथ मेरठ, आगरा, वाराणसी, लखनऊ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीटों पर चुनाव होना है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इन सीटों पर इतने उम्मीदवार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ से 22, मेरठ से 10, वाराणसी से 27, आगरा से 15 और इलाहाबाद-झांसी से 17 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में आगरा से 15, बरेली-मुरादाबाद से 17, गोरखपुर-फैजाबाद से 19, लखनऊ से 14, मेरठ से 11 और वाराणसी से 14 उम्मीदवार मैदान में हैं। फर्जी मतदान रोकने के लिए पहचान जरूरी मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में फर्जी मतदान रोकने के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। हालांकि, पहचान पत्र न होने पर मतदाता को मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा। आयोग ने इसके लिए 10 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों को मान्यता दी है। ये पहचान पत्र दिखाकर कर सकेंगे मतदान नवदीप रिणवा ने बताया कि जो मतदाता किसी कारणवश अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहते हैं, उन्हें मतदान से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे मतदाताओं की पहचान सिद्ध करने के लिए आयोग द्वारा वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों की मान्यता दी गई है।

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