आगरा में जनकपुरी महोत्सव के पहले दिन ही यातायात व्यवस्था ध्वस्त नजर आई। सीता डोला यात्रा निकलने के दौरान सिकंदरा और जनकपुरी क्षेत्र में कई जगह वाहनों को रोकना पड़ा। डोला निकालने के लिए करीब आधे घंटे तक वाहनों की आवाजाही रोकी गई। इससे वाहन चालक सड़क पर ही खड़े नजर आए। जनकपुरी क्षेत्र में एक लेन बंद होने से करीब 2 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। महज 2 मिनट के रास्ते में लोगों को 30 से 45 मिनट तक लग गए। आने-जाने वाले दोनों ओर के वाहन एक ही लेन से निकल रहे थे। साथ ही पैदल राहगीरों की आवाजाही के कारण सड़क पर स्थिति और बिगड़ गई। जनकपुरी जाने वाले लोगों को 2 से 3 किलोमीटर का रास्ता तय करने में करीब 1 से 1.5 घंटे का समय लगा। सामान्य स्थिति में इस दूरी को तय करने में करीब 10 से 15 मिनट लगते हैं। कई जगह वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से वाहन सड़क पर ही खड़े कर दिए गए। इससे सड़क की चौड़ाई कम हो गई और जाम की स्थिति बनती रही। सिकंदरा चौराहा से भावना एस्टेट की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे की एक लेन पर भी वाहन रेंगते नजर आए। भावना एस्टेट में कावेरी कौस्तुभ अपार्टमेंट के पास करीब 300 मीटर तक भीषण जाम लगा। यहां वाहन चालक आधे घंटे से लेकर करीब एक घंटे तक जाम में फंसे रहे। करीब 3 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान वाहन चालकों को कुछ दूरी तय करने के लिए भी काफी देर इंतजार करना पड़ा। इधर, राम बारात के मार्ग पर भी बैरिकेडिंग कर रास्ते बंद किए गए थे। कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रोकने से वैकल्पिक मार्गों पर भी दबाव बढ़ गया। जनकपुरी की ओर जाने वाले लोगों को जगह-जगह जाम का सामना करना पड़ा। सीता डोला यात्रा के दौरान भी करीब आधे घंटे तक वाहनों को रोके जाने से यातायात प्रभावित रहा। महोत्सव के पहले दिन यातायात प्रबंधन की स्थिति ऐसी रही कि कई प्रमुख रास्तों पर वाहन फंसे रहे। कहीं लेन बंद होने तो कहीं सड़क पर वाहनों के खड़े होने से रास्ते संकरे हो गए। इससे वाहन चालकों को सामान्य समय से कई गुना अधिक समय लगा और लोगों को जाम में खड़े रहना पड़ा।

