जयपुर में सोडाला से गुर्जर की थड़ी के बीच न्यू सांगानेर रोड पर अतिक्रमण के मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई। अब दो सप्ताह बाद मामले की सुनवाई होगी। वहीं जेडीए ने हाईकोर्ट में जवाब पेश करके कहा कि उसने 2.4 किमी की सड़क में से 700 मीटर के हिस्से से अतिक्रमण हटा दिए हैं। वहीं शेष 1.7 किमी सड़क पर कार्रवाई करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा। जेडीए ने अपने जवाब में बताया कि सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण की पहचान के बाद जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम के तहत कुल 210 नोटिस जारी किए गए। नोटिसों के जवाब में 124 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। जो आपत्तियां जेडीए के क्षेत्राधिकार से संबंधित हैं, उनकी जोन अधिकारियों की ओर से प्रतिदिन सुनवाई की जा रही है। प्रत्येक आपत्ति की व्यवस्थित तरीके से जांच की जा रही है। 9 कॉलोनियों का मामला नगर निगम से जुड़ा
रिकॉर्ड की जांच के बाद जेडीए ने बताया कि इस सड़क के 100 फीट हिस्से में आने वाली 9 प्रमुख कॉलोनियां जयपुर नगर निगम के सिविल लाइंस जोन के क्षेत्राधिकार में आती हैं। जेडीए के अनुसार इन कॉलोनियों का क्षेत्र पूर्व में नगर निगम को हस्तांतरित या उसके द्वारा स्वीकृत किया गया था। जेडीए ने 8 सितंबर को नगर निगम को पत्र भेजकर मूल ले-आउट मैप और लीज डीड से संबंधित जानकारी मांगी। नगर निगम के सिविल लाइंस जोन ने 14 सितंबर को इसका जवाब दिया। जेडीए की कार्रवाई जारी रह सकती है
इस पूरे मामले में पीड़ित दुकानदारों और स्थानीय निवासियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर पक्षकार बनने का प्रार्थना पत्र पेश किया था। जिस पर कोर्ट ने पिछली सुनवाई को जेडीए से जवाब मांगा था। लेकिन आज मामले की सुनवाई टलने से इस मामले में पीड़ितों को कोई राहत नहीं मिल पाई। वहीं कुछ पीड़ित सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचे थे। लेकिन वहां से भी उन्होने याचिका वापस ले ली। ऐसे में इस सड़क पर अतिक्रमण हटाने की जेडीए की कार्रवाई पर किसी तरह की रोक नहीं हैं। जेडीए ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी।

