रायबरेली की मखदूमपुर ग्राम पंचायत में वोटर लिस्ट में अंतर को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्रीय और राज्य चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। पंचायत और विधानसभा चुनाव के लिए बनी मतदाता सूचियों में 468 नामों का अंतर पाया गया है। कोर्ट ने दोनों आयोगों को चार हफ्ते में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की बेंच ने मखदूमपुर निवासी रोहित की याचिका पर दिया। याचिका में बताया गया कि ग्राम पंचायत चुनाव की लिस्ट में 1987 मतदाता हैं, जबकि विधानसभा चुनाव की लिस्ट में सिर्फ 1519 मतदाता दर्ज हैं। इस तरह दोनों सूचियों में 468 मतदाताओं का अंतर है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने कहा कि विधानसभा और पंचायत चुनाव के लिए वोटर लिस्ट बनाने के नियम अलग-अलग हैं। आयोग के वकील के मुताबिक, विधानसभा लिस्ट से ऐसे व्यक्ति का नाम हटाया जा सकता है, जो तीन साल या उससे ज्यादा समय से उस क्षेत्र में नहीं रह रहा हो।

