आलीराजपुर में मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में अलग-अलग समस्याओं को लेकर कुल 40 आवेदन पहुंचे। किसी ने जमीन के बंटवारे की समस्या बताई तो किसी ने बच्चों के आधार कार्ड और समग्र आईडी नहीं बनने की शिकायत रखी। इन आवेदनों के बीच रिछवी गांव के एक पति की पारिवारिक समस्या ने ध्यान खींचा। वह अपनी पत्नी को मायके से वापस ससुराल बुलाने की गुहार लेकर कलेक्टर के पास पहुंचा। रिछवी गांव के कनासाया फलिया निवासी ढेडु पिता भंगडा ने आवेदन देकर बताया कि उसकी पत्नी अजमा करीब एक माह पहले मायके गई थी। इसके बाद वह वापस ससुराल नहीं लौटी। पति ने बताया कि पत्नी के मायके में उसके पिता जगलिया, भाई नरतु और मां केशरी रहते हैं। उसने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर पत्नी को समझाइश देकर घर वापस भेजने में सहयोग करने की मांग की। ‘बच्चे रोज मां को याद कर रोते हैं’ ढेडु ने आवेदन में अपने दो बच्चों का हवाला देते हुए कहा कि मां के घर नहीं होने से दोनों बच्चे उसे याद कर रहे हैं। उसके अनुसार बच्चे रोज अपनी मां की राह देखते हैं और उसके लिए रोते हैं। पति ने कलेक्टर से गुहार लगाई कि दोनों पक्षों से बात कर मामले का समाधान कराया जाए और पत्नी को जल्द घर वापस आने के लिए समझाइश दी जाए। चार साल से आधार कार्ड का इंतजार जनसुनवाई में आए अन्य आवेदनों में भी लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्याएं सामने आईं। कुछ आवेदकों ने जमीन के बंटवारे को लेकर आवेदन दिया। वहीं बच्चों के चार साल से आधार कार्ड नहीं बनने की शिकायत भी सामने आई। आवेदकों ने बताया कि आधार नहीं बनने से बच्चों को जरूरी दस्तावेजों और योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। दो साल से समग्र आईडी नहीं बनी इसी तरह कुछ लोगों ने दो साल से समग्र आईडी नहीं बनने की समस्या बताई। महिला समूह का संचालन करने के लिए आवेदन भी दिया गया। जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पत्नी को लेकर दिए गए आवेदन में दोनों पक्षों की बात सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

