इरादे मजबूत हों तो छोटी सी पंचायत से भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है। मोतिहारी के केसरिया प्रखंड की मठिया पंचायत की मुखिया ज्योति कुमारी ने इसे सच कर दिखाया है। पंचायत में विकास कार्यों और पारदर्शी व्यवस्था के लिए किए गए कामों की चर्चा अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंची है। उन्हें देश के चर्चित टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मंच पर बुलाया गया है, जहां महानायक अमिताभ बच्चन के साथ उनका संवाद होगा। बताया जा रहा है कि बिहार से एकमात्र मुखिया के रूप में ज्योति कुमारी का चयन किया गया है। वह बुधवार को मुंबई में KBC के मंच पर शामिल होंगी। कार्यक्रम में उनकी पंचायत में हुए विकास कार्यों पर तैयार डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी। इसे लेकर ज्योति और उनके परिवार में खासा उत्साह है। पहले राज्य स्तर पर मिला सम्मान, अब राष्ट्रीय मंच ज्योति कुमारी के कामों की चर्चा इससे पहले भी राज्य स्तर पर हो चुकी है। पंचायत में बेहतर कार्य के लिए उन्हें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। ज्योति का कहना है कि पंचायत की जनता ने उन पर भरोसा किया और उसी भरोसे ने उन्हें लगातार काम करने की ताकत दी। इसी वजह से वह पंचायत में विकास और पारदर्शी व्यवस्था को प्राथमिकता देती रही हैं। मुंबई रवाना होने से पहले उन्होंने पंचायत की जनता का आभार जताया। बोलीं- जनता के भरोसे ने मठिया को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया ज्योति कुमारी ने कहा, “मठिया पंचायत की देवतुल्य जनता ने मुझे पंचायत का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया। आज उनके आशीर्वाद से पंचायत को जिला स्तर से उठाकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है। इसके पीछे जनता का भरोसा है। उनका भरोसा मुझे नई ताकत देता है और नए काम करने का जज्बा बढ़ाता है। इसी वजह से बिना रुके, बिना थके लगातार पंचायत के विकास के लिए काम कर रही हूं।” किसानों के लिए चेकडैम, कचरा प्रबंधन से लेकर हेल्थ सेंटर तक ज्योति कुमारी के अनुसार, मठिया पंचायत में बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी की परेशानी होती थी। इसे देखते हुए पंचायत में चेकडैम का निर्माण कराया गया, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके और जलस्तर भी बना रहे। इसके अलावा पंचायत में WPU यानी कचरा प्रबंधन इकाई, आंगनबाड़ी केंद्रों का जीर्णोद्धार, छठ घाट, गांवों में सड़क, जीविका भवन और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जैसे काम कराए गए हैं। हर घर शौचालय समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं को भी धरातल पर उतारने का दावा किया गया है। पंचायत में पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी गई है। शादी के एक साल बाद चुनाव लड़ा, पहली बार हार मिली KBC तक पहुंचने की कहानी के पीछे ज्योति के संघर्ष की भी लंबी कहानी है। उनके पति अभिषेक कुमार ने बताया कि दोनों की शादी 2015 में हुई थी। इसके अगले ही साल 2016 में पंचायत चुनाव था। शादी के महज एक साल बाद ज्योति ने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। उन्होंने चुनाव में कड़ी टक्कर दी, लेकिन जीत नहीं मिली। इसके बावजूद ज्योति ने हार नहीं मानी। अगले पांच साल तक वह लगातार लोगों के बीच बनी रहीं और पंचायत के विकास के लिए काम करती रहीं। अभिषेक कुमार ने बताया, “मुझे लगा कि क्या होगा, लेकिन ज्योति ने हार नहीं मानी। पांच साल तक लगातार जनता के बीच रहीं और क्षेत्र के विकास के लिए लगी रहीं। 2021 में जनता का प्यार और आशीर्वाद मिला और वह भारी मतों से मुखिया चुनी गईं। आज घर और बच्चे के साथ पंचायत की जिम्मेदारी भी बखूबी संभाल रही हैं। मुझे अपनी पत्नी पर गर्व है।” KBC की टीम ने पंचायत पर बनाई डॉक्यूमेंट्री जानकारी के अनुसार, बिहार में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं में ज्योति कुमारी का चयन किया गया है। बताया जा रहा है कि पूरे बिहार से उन्हें अकेली मुखिया के रूप में KBC के मंच पर बुलाया गया है। KBC की टीम ने मठिया पंचायत पहुंचकर वहां हुए विकास कार्यों पर एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की है। कार्यक्रम के दौरान इसे दिखाया जाएगा। इसके बाद अमिताभ बच्चन ज्योति कुमारी से संवाद करेंगे और उन्हें उत्कृष्ट मुखिया के तौर पर सम्मानित करेंगे। मठिया जैसी ग्रामीण पंचायत की एक महिला मुखिया का KBC जैसे राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना केसरिया और पूरे पूर्वी चंपारण के लिए चर्चा का विषय बन गया है। यह सफर पंचायत चुनाव में पहली हार से शुरू होकर जनता के भरोसे, लगातार काम और राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की कहानी बन गया है। इरादे मजबूत हों तो छोटी सी पंचायत से भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है। मोतिहारी के केसरिया प्रखंड की मठिया पंचायत की मुखिया ज्योति कुमारी ने इसे सच कर दिखाया है। पंचायत में विकास कार्यों और पारदर्शी व्यवस्था के लिए किए गए कामों की चर्चा अब राष्ट्रीय मंच तक पहुंची है। उन्हें देश के चर्चित टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के मंच पर बुलाया गया है, जहां महानायक अमिताभ बच्चन के साथ उनका संवाद होगा। बताया जा रहा है कि बिहार से एकमात्र मुखिया के रूप में ज्योति कुमारी का चयन किया गया है। वह बुधवार को मुंबई में KBC के मंच पर शामिल होंगी। कार्यक्रम में उनकी पंचायत में हुए विकास कार्यों पर तैयार डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी। इसे लेकर ज्योति और उनके परिवार में खासा उत्साह है। पहले राज्य स्तर पर मिला सम्मान, अब राष्ट्रीय मंच ज्योति कुमारी के कामों की चर्चा इससे पहले भी राज्य स्तर पर हो चुकी है। पंचायत में बेहतर कार्य के लिए उन्हें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। ज्योति का कहना है कि पंचायत की जनता ने उन पर भरोसा किया और उसी भरोसे ने उन्हें लगातार काम करने की ताकत दी। इसी वजह से वह पंचायत में विकास और पारदर्शी व्यवस्था को प्राथमिकता देती रही हैं। मुंबई रवाना होने से पहले उन्होंने पंचायत की जनता का आभार जताया। बोलीं- जनता के भरोसे ने मठिया को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया ज्योति कुमारी ने कहा, “मठिया पंचायत की देवतुल्य जनता ने मुझे पंचायत का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया। आज उनके आशीर्वाद से पंचायत को जिला स्तर से उठाकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया है। इसके पीछे जनता का भरोसा है। उनका भरोसा मुझे नई ताकत देता है और नए काम करने का जज्बा बढ़ाता है। इसी वजह से बिना रुके, बिना थके लगातार पंचायत के विकास के लिए काम कर रही हूं।” किसानों के लिए चेकडैम, कचरा प्रबंधन से लेकर हेल्थ सेंटर तक ज्योति कुमारी के अनुसार, मठिया पंचायत में बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। किसानों को सिंचाई के लिए पानी की परेशानी होती थी। इसे देखते हुए पंचायत में चेकडैम का निर्माण कराया गया, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल सके और जलस्तर भी बना रहे। इसके अलावा पंचायत में WPU यानी कचरा प्रबंधन इकाई, आंगनबाड़ी केंद्रों का जीर्णोद्धार, छठ घाट, गांवों में सड़क, जीविका भवन और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जैसे काम कराए गए हैं। हर घर शौचालय समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं को भी धरातल पर उतारने का दावा किया गया है। पंचायत में पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी गई है। शादी के एक साल बाद चुनाव लड़ा, पहली बार हार मिली KBC तक पहुंचने की कहानी के पीछे ज्योति के संघर्ष की भी लंबी कहानी है। उनके पति अभिषेक कुमार ने बताया कि दोनों की शादी 2015 में हुई थी। इसके अगले ही साल 2016 में पंचायत चुनाव था। शादी के महज एक साल बाद ज्योति ने चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया। उन्होंने चुनाव में कड़ी टक्कर दी, लेकिन जीत नहीं मिली। इसके बावजूद ज्योति ने हार नहीं मानी। अगले पांच साल तक वह लगातार लोगों के बीच बनी रहीं और पंचायत के विकास के लिए काम करती रहीं। अभिषेक कुमार ने बताया, “मुझे लगा कि क्या होगा, लेकिन ज्योति ने हार नहीं मानी। पांच साल तक लगातार जनता के बीच रहीं और क्षेत्र के विकास के लिए लगी रहीं। 2021 में जनता का प्यार और आशीर्वाद मिला और वह भारी मतों से मुखिया चुनी गईं। आज घर और बच्चे के साथ पंचायत की जिम्मेदारी भी बखूबी संभाल रही हैं। मुझे अपनी पत्नी पर गर्व है।” KBC की टीम ने पंचायत पर बनाई डॉक्यूमेंट्री जानकारी के अनुसार, बिहार में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं में ज्योति कुमारी का चयन किया गया है। बताया जा रहा है कि पूरे बिहार से उन्हें अकेली मुखिया के रूप में KBC के मंच पर बुलाया गया है। KBC की टीम ने मठिया पंचायत पहुंचकर वहां हुए विकास कार्यों पर एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की है। कार्यक्रम के दौरान इसे दिखाया जाएगा। इसके बाद अमिताभ बच्चन ज्योति कुमारी से संवाद करेंगे और उन्हें उत्कृष्ट मुखिया के तौर पर सम्मानित करेंगे। मठिया जैसी ग्रामीण पंचायत की एक महिला मुखिया का KBC जैसे राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना केसरिया और पूरे पूर्वी चंपारण के लिए चर्चा का विषय बन गया है। यह सफर पंचायत चुनाव में पहली हार से शुरू होकर जनता के भरोसे, लगातार काम और राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की कहानी बन गया है।

