जदयू विधायक अनंत सिंह की बगावत से पार्टी का अंदरूनी घमासान चरम पर है। पटना स्नातक सीट से जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार को हराने और जनसुराज के अनुज सिंह को जिताने पर अड़े अनंत सिंह को समझाने का जिम्मा ललन सिंह को दिया गया। ललन सिंह ने अनंत सिंह से बात की। अनंत ये साफ कर दिया किया वो नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार नहीं करेंगे। पिछले चुनाव में नीरज ने अनंत को हराने की पूरी कोशिश की थी, अनंत उसी का बदला ले रहे हैं। तब नीरज पर कार्रवाई न करना पार्टी की बड़ी चूक थी। ललन सिंह ने यह भी दावा किया कि अब अनंत सिंह पार्टी के फैसले को लेकर खुल्लेआम बयान नहीं देंगे। ललन सिंह के बयान पर संजय झा ने कहा, “ललन बाबू ने जो किया, वह पार्टी के बेस्ट इंटरेस्ट का काम उन्होंने किया है, बस अभी इतना ही है। भगवान कुशवाहा बोले- एक ही विधायक छिटके हैं, लौट आएंगे मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि ललन बाबू ने कहा है कि सब ठीक हो जाएगा। 285 MLA में एक ही MLA न छटके हैं। हमको लगता है कि वे आ जाएंगे। नीरज कुमार नहीं हारेंगे। बहुत सारे ऐसे मामले होते है, जिसमें पॉलिटिकल पार्टी कुछ नहीं बोलना और करना पसंद करती है। सब एकजुट हैं। देर शाम सीएम आवास पर संजय झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी के साथ बैठक हुई। इसमें अनुशासन कायम रखने और विवाद सुलझाने पर बात हुई। राजद बोली- दो लोग जदयू को खत्म कर देंगे जदयू में चल रही खींचतान पर सियासत भी तेज है। राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा, दो लोग जदयू को खत्म करने में लगे हैं। सेंध लगाई गई है, पार्टी कब धराशाई होगी, यह आगे-आगे देखते जाइए। मै नीतीश कुमार और निशांत कुमार से कहता हूं…जाग जाग पार्टी की रक्षा करिए। नीतीश कुमार जी होशियार हो जाइए। अब जानिए पूरे विवाद पर ललन सिंह ने क्या कहा 5 अक्टूबर की सुबह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ललन सिंह से उनके पटना स्थित आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक बंद कमरे में दोनों में बातें हुईं। इसके बाद दिल्ली जाते वक्त केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने पटना एयरपोर्ट पर कहा… ‘आज मैंने अनंत सिंह से बात की है। उनकी कुछ शिकायतें हैं। उनका (अनंत सिंह) कहना है कि जब नीतीश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था तब मैं RJD में होते हुए भी नीतीश सरकार के समर्थन में था। मेरी पत्नी ने नीतीश सरकार को सपोर्ट किया था। समर्थन के पीछे एक वजह थी, नीतीश कुमार का सम्मान। समर्थन देने के बाद जब वो नीतीश से मिलने गए थे तब नीतीश कुमार ने कहा था आप मोकामा से लड़िए। लेकिन जब वो चुनाव लड़े तो कई तरह का दुष्प्रचार किया गया। कोई क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया तो होगी ही। ताली दोनों हाथों से बजती है। उस वक्त पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए थी। प्रदेश इकाई से चूक हुई।’ अनंत सिंह की शिकायत- मेरे खिलाफ प्रचार हुआ तो पार्टी कहां थी ? ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह ने उनसे कहा कि पार्टी की ओर से एक बैठक बुलाई गई थी। इसमें वह भी शामिल हुए थे और उनके खिलाफ प्रचार करने वाले लोगों को भी बुलाया गया था। अनंत सिंह ने बैठक में अपनी शिकायतें रखीं और पूछा कि उनके खिलाफ क्या-क्या किया गया, लेकिन उनके मुताबिक बैठक में इन सवालों का जवाब नहीं मिला। अनंत सिंह का सवाल है कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके विरोध में अभियान चलाया गया तो पार्टी ने उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की। उनका कहना है कि अगर पार्टी में अनुशासन का नियम है तो वह सभी के लिए समान होना चाहिए। ललन सिंह ने यह भी कहा था कि अनंत सिंह के खिलाफ अभियान चलाए जाने की बात सही है। हालांकि, उन्होंने अनंत सिंह से अब नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने को कहा है। उनके मुताबिक, अनंत सिंह ने उनकी बात मान ली है। नीरज के समर्थन में उतरे निशांत विवाद के बीच जदयू के कई नेताओं ने नीरज कुमार के समर्थन में अपनी स्थिति साफ की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा था कि पार्टी ने पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है और सभी को उनकी जीत के लिए काम करना चाहिए। इसके बाद निशांत कुमार भी नीरज कुमार के समर्थन में सामने आए। पार्टी के भीतर नेताओं के अलग-अलग रुख के बीच अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। अनंत बोले- नीतीश के लिए गोली खाई, अब पार्टी में न्याय चाहिए अनंत सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वह नीतीश कुमार को मानते हैं और उनके लिए उन्होंने काफी कुछ किया है। उनका कहना है कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी और गोली तक खाई। अनंत सिंह का कहना है कि अगर पार्टी में कोई नीति और अनुशासन है तो वह सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने चार विधानसभा चुनावों में उनका विरोध किया, लेकिन पार्टी ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा था, मैं किसी का कर्मचारी नहीं हूं। अनंत सिंह ने सवाल उठाया था कि जो लोग ललन सिंह को विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दे रहे हैं, वे खुद जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते। पीके के प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन में पहुंचे थे अनंत अनंत सिंह जदयू के पटना स्नातक प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में खड़े होने के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ नजर आए हैं। वह 2 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन में शामिल हुए और उनके समर्थन में रोड शो भी किया था। इसके बाद नवादा और नालंदा में भी अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो किया। वारिसलीगंज में उन्होंने लोगों से अनुज कुमार के पक्ष में वोट देने की अपील की थी। ——— इसे भी पढ़िए..
‘ताली दोनों हाथों से बजती है…’:ललन सिंह ने अनंत को चुप कराया, संगठन को घेरा; क्या यह JDU में नई जंग की शुरुआत है बाहुबली विधायक अनंत सिंह अब JDU प्रत्याशी नीरज कुमार का सार्वजनिक रूप से विरोध नहीं करेंगे। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि उनसे हमारी बात हुई है। वह इस पर सहमत हैं। क्या वाकई अनंत-नीरज का विवाद खत्म हो गया, ललन सिंह ने क्या कहा, क्यों कहा जा रहा कि ललन सिंह-संजय झा में सब ठीक नहीं, समझेंगे; बूझे की नाही में…। पूरी खबर पढ़ें। जदयू विधायक अनंत सिंह की बगावत से पार्टी का अंदरूनी घमासान चरम पर है। पटना स्नातक सीट से जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार को हराने और जनसुराज के अनुज सिंह को जिताने पर अड़े अनंत सिंह को समझाने का जिम्मा ललन सिंह को दिया गया। ललन सिंह ने अनंत सिंह से बात की। अनंत ये साफ कर दिया किया वो नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार नहीं करेंगे। पिछले चुनाव में नीरज ने अनंत को हराने की पूरी कोशिश की थी, अनंत उसी का बदला ले रहे हैं। तब नीरज पर कार्रवाई न करना पार्टी की बड़ी चूक थी। ललन सिंह ने यह भी दावा किया कि अब अनंत सिंह पार्टी के फैसले को लेकर खुल्लेआम बयान नहीं देंगे। ललन सिंह के बयान पर संजय झा ने कहा, “ललन बाबू ने जो किया, वह पार्टी के बेस्ट इंटरेस्ट का काम उन्होंने किया है, बस अभी इतना ही है। भगवान कुशवाहा बोले- एक ही विधायक छिटके हैं, लौट आएंगे मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि ललन बाबू ने कहा है कि सब ठीक हो जाएगा। 285 MLA में एक ही MLA न छटके हैं। हमको लगता है कि वे आ जाएंगे। नीरज कुमार नहीं हारेंगे। बहुत सारे ऐसे मामले होते है, जिसमें पॉलिटिकल पार्टी कुछ नहीं बोलना और करना पसंद करती है। सब एकजुट हैं। देर शाम सीएम आवास पर संजय झा, मंत्री विजय कुमार चौधरी और अशोक चौधरी के साथ बैठक हुई। इसमें अनुशासन कायम रखने और विवाद सुलझाने पर बात हुई। राजद बोली- दो लोग जदयू को खत्म कर देंगे जदयू में चल रही खींचतान पर सियासत भी तेज है। राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने कहा, दो लोग जदयू को खत्म करने में लगे हैं। सेंध लगाई गई है, पार्टी कब धराशाई होगी, यह आगे-आगे देखते जाइए। मै नीतीश कुमार और निशांत कुमार से कहता हूं…जाग जाग पार्टी की रक्षा करिए। नीतीश कुमार जी होशियार हो जाइए। अब जानिए पूरे विवाद पर ललन सिंह ने क्या कहा 5 अक्टूबर की सुबह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ललन सिंह से उनके पटना स्थित आवास पर मुलाकात की। 20 मिनट तक बंद कमरे में दोनों में बातें हुईं। इसके बाद दिल्ली जाते वक्त केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने पटना एयरपोर्ट पर कहा… ‘आज मैंने अनंत सिंह से बात की है। उनकी कुछ शिकायतें हैं। उनका (अनंत सिंह) कहना है कि जब नीतीश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था तब मैं RJD में होते हुए भी नीतीश सरकार के समर्थन में था। मेरी पत्नी ने नीतीश सरकार को सपोर्ट किया था। समर्थन के पीछे एक वजह थी, नीतीश कुमार का सम्मान। समर्थन देने के बाद जब वो नीतीश से मिलने गए थे तब नीतीश कुमार ने कहा था आप मोकामा से लड़िए। लेकिन जब वो चुनाव लड़े तो कई तरह का दुष्प्रचार किया गया। कोई क्रिया होगी तो प्रतिक्रिया तो होगी ही। ताली दोनों हाथों से बजती है। उस वक्त पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए थी। प्रदेश इकाई से चूक हुई।’ अनंत सिंह की शिकायत- मेरे खिलाफ प्रचार हुआ तो पार्टी कहां थी ? ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह ने उनसे कहा कि पार्टी की ओर से एक बैठक बुलाई गई थी। इसमें वह भी शामिल हुए थे और उनके खिलाफ प्रचार करने वाले लोगों को भी बुलाया गया था। अनंत सिंह ने बैठक में अपनी शिकायतें रखीं और पूछा कि उनके खिलाफ क्या-क्या किया गया, लेकिन उनके मुताबिक बैठक में इन सवालों का जवाब नहीं मिला। अनंत सिंह का सवाल है कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके विरोध में अभियान चलाया गया तो पार्टी ने उस समय कार्रवाई क्यों नहीं की। उनका कहना है कि अगर पार्टी में अनुशासन का नियम है तो वह सभी के लिए समान होना चाहिए। ललन सिंह ने यह भी कहा था कि अनंत सिंह के खिलाफ अभियान चलाए जाने की बात सही है। हालांकि, उन्होंने अनंत सिंह से अब नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने को कहा है। उनके मुताबिक, अनंत सिंह ने उनकी बात मान ली है। नीरज के समर्थन में उतरे निशांत विवाद के बीच जदयू के कई नेताओं ने नीरज कुमार के समर्थन में अपनी स्थिति साफ की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा था कि पार्टी ने पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है और सभी को उनकी जीत के लिए काम करना चाहिए। इसके बाद निशांत कुमार भी नीरज कुमार के समर्थन में सामने आए। पार्टी के भीतर नेताओं के अलग-अलग रुख के बीच अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। अनंत बोले- नीतीश के लिए गोली खाई, अब पार्टी में न्याय चाहिए अनंत सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वह नीतीश कुमार को मानते हैं और उनके लिए उन्होंने काफी कुछ किया है। उनका कहना है कि उन्होंने नीतीश कुमार के लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी और गोली तक खाई। अनंत सिंह का कहना है कि अगर पार्टी में कोई नीति और अनुशासन है तो वह सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने चार विधानसभा चुनावों में उनका विरोध किया, लेकिन पार्टी ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा था, मैं किसी का कर्मचारी नहीं हूं। अनंत सिंह ने सवाल उठाया था कि जो लोग ललन सिंह को विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दे रहे हैं, वे खुद जिम्मेदारी क्यों नहीं लेते। पीके के प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन में पहुंचे थे अनंत अनंत सिंह जदयू के पटना स्नातक प्रत्याशी नीरज कुमार के समर्थन में खड़े होने के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह के साथ नजर आए हैं। वह 2 अक्टूबर को अनुज सिंह के नामांकन में शामिल हुए और उनके समर्थन में रोड शो भी किया था। इसके बाद नवादा और नालंदा में भी अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन में रोड शो किया। वारिसलीगंज में उन्होंने लोगों से अनुज कुमार के पक्ष में वोट देने की अपील की थी। ——— इसे भी पढ़िए..
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