श्रावस्ती के दो शिक्षकों को मथुरा में मिला एडुलीडर्स सम्मान:मुनव्वर मिर्जा और घनश्याम को किया गया सम्मानित

श्रावस्ती के दो शिक्षकों को मथुरा में मिला एडुलीडर्स सम्मान:मुनव्वर मिर्जा और घनश्याम को किया गया सम्मानित

श्रावस्ती में अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर मथुरा केएम यूनिवर्सिटी में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय शैक्षिक समागम एवं ‘एडुलीडर्स सम्मान समारोह 2026’ में श्रावस्ती के दो शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मंगलवार सुबह 11:00 बजे शिक्षक संघ ने बताया कि राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मुनव्वर मिर्जा और कम्पोजिट विद्यालय कैलाशपुर के प्रधानाध्यापक घनश्याम को उत्कृष्ट शिक्षण कार्यों एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए ‘एडुलीडर्स सम्मान’ प्रदान किया गया। दोनों शिक्षकों की इस उपलब्धि से जनपद का गौरव बढ़ा है। समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं केएम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति किशन चौधरी तथा मथुरा की बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने दोनों शिक्षकों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।इस शैक्षिक समागम का आयोजन स्वप्रेरित, ऊर्जावान और तकनीक के उपयोग में दक्ष शिक्षकों के समूह ‘एडुलीडर्स’ की ओर से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘शिक्षा में श्रीमद्भगवद्गीता आधारित मूल्यों का समावेश’ रहा। इसमें प्रदेश के सभी 75 जनपदों से चयनित 175 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि किशन चौधरी ने ब्रजभाषा में गुरु की महिमा से जुड़े संस्मरण सुनाकर शिक्षकों का उत्साहवर्धन किया।वहीं बीएसए रतन कीर्ति ने शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने और उनके प्रयासों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।उन्होंने डॉ. सर्वेष्ट मिश्र के शैक्षिक प्रयासों की सराहना की।
संगोष्ठी के दौरान डायट आगरा के प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने ‘श्रेष्ठा योजना’ पर विचार रखते हुए कहा कि बच्चों को मुखर बनाना और उनमें प्रश्न पूछने की क्षमता विकसित करना ही शिक्षक की वास्तविक सफलता है।स्वामी विवेकानंद मिशन,कन्याकुमारी के सदस्य अतुल ने बच्चों को पुरस्कार के लालच से मुक्त रखते हुए उन्हें कुशल एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सर्वेष्ट मिश्र ने प्रदेशभर में टीम एडुलीडर्स की ओर से संचालित शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी दी।इस दौरान सत्यमेव जयते ट्रस्ट के मुकेश जैन, ऋषिकुल स्कूल के प्रधानाचार्य मदन मोहन शर्मा, केएम यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एनसी प्रजापति और रजिस्ट्रार डॉ. पूरन सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। श्रावस्ती के दोनों शिक्षकों को मिले इस सम्मान को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और बेहतर शिक्षण पद्धतियों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

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