पटना जंक्शन की मल्टीप्लेक्स बिल्डिंग 2030 तक बनेगी:इसमें मॉल भी होगा, स्टेशन की री-मॉडलिंग की डीपीआर इसी साल रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी

पटना जंक्शन की मल्टीप्लेक्स बिल्डिंग 2030 तक बनेगी:इसमें मॉल भी होगा, स्टेशन की री-मॉडलिंग की डीपीआर इसी साल रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी

पटना जंक्शन की अत्याधुनिक मल्टीप्लेक्स बिल्डिंग साल 2030 तक बन जाएगी। रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय अर्बन हब के रूप विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यहां से हर दिन सफर करनेवाले 2.50 लाख यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। पूर्व मध्य रेल के जीएम डिंपी गर्ग ने सोमवार को पटना जंक्शन का दौरा कर री-मॉडलिंग प्लान का निरीक्षण किया। जीएम ने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, बुनियादी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अगले 3 से 4 साल में री-मॉडलिंग का काम पूरा हो जाएगा। यात्रियों को मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी प्रीमियम सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। ट्रैक के ऊपर निर्मित बहुमंजिला इमारत में यात्रियों और शहरवासियों के लिए शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, कैफे, रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं होंगी। बाहर से आने वाले यात्रियों को ठहरने के लिए फोर-स्टार होटल की व्यवस्था रहेगी। 2000 गाड़ियों वाली स्मार्ट पार्किंग बनेगी : जंक्शन परिसर में मल्टी-लेवल स्मार्ट पार्किंग तैयार की जाएगी। जहां दोपहिया आैर चार पहिया वाहनों को मिलाकर 2000 गाड़ियां एक साथ खड़ी हो सकेंगी। अभी पटना जंक्शन पर व्यवस्थित पार्किंग की कमी के कारण जहां-तहां गाड़ियां खड़ी होने से अक्सर जाम लगता है। स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था में बिना अनुमति वाहनों की इंट्री नहीं होगी। मेन गेट के काउंटर पर ऑनलाइन या ऑफलाइन टिकट दिखाने के बाद ही बैरियर खुलेगा और वाहन अंदर प्रवेश कर सकेंगे। नए भवन में ये सुविधाएं होंगी 500 करोड़ से जी प्लस टू बिल्डिंग बनेगी
रेल अधिकारियों के अनुसार, पटना जंक्शन की री-मॉडलिंग के लिए मई में ही सर्वे हुआ है। 500 करोड़ की लागत से स्टेशन को जी प्लस टू विश्वस्तरीय बिल्डिंग में बदला जाएगा। प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट तैयार है, जिसमें करबिगहिया और महावीर मंदिर छोर के सर्कुलेटिंग एरिया व पार्किंग में कुछ सुधार किए जा रहे हैं। इन मामूली बदलावों के बाद फाइनल डीपीआर मंजूरी के लिए इसी साल रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। स्टेशन के मेन गेट के पास खड़ा स्टीम इंजन हटेगा पटना जंक्शन के मेन गेट के पास खड़े पुराने स्टीम इंजन को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इससे महावीर मंदिर के पास सर्कुलेटिंग एरिया चौड़ा हो जाएगा। इंजन हटने से मुख्य गेट के पास काफी खाली मिलेगी, जिससे पिक एंड ड्रॉप के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी और वाहन पावर हाउस के रास्ते सीधे जीपीओ की ओर निकल सकेंगे। पटना जंक्शन की अत्याधुनिक मल्टीप्लेक्स बिल्डिंग साल 2030 तक बन जाएगी। रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय अर्बन हब के रूप विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। यहां से हर दिन सफर करनेवाले 2.50 लाख यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। पूर्व मध्य रेल के जीएम डिंपी गर्ग ने सोमवार को पटना जंक्शन का दौरा कर री-मॉडलिंग प्लान का निरीक्षण किया। जीएम ने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, बुनियादी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अगले 3 से 4 साल में री-मॉडलिंग का काम पूरा हो जाएगा। यात्रियों को मल्टी-लेवल पार्किंग जैसी प्रीमियम सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। ट्रैक के ऊपर निर्मित बहुमंजिला इमारत में यात्रियों और शहरवासियों के लिए शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, कैफे, रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं होंगी। बाहर से आने वाले यात्रियों को ठहरने के लिए फोर-स्टार होटल की व्यवस्था रहेगी। 2000 गाड़ियों वाली स्मार्ट पार्किंग बनेगी : जंक्शन परिसर में मल्टी-लेवल स्मार्ट पार्किंग तैयार की जाएगी। जहां दोपहिया आैर चार पहिया वाहनों को मिलाकर 2000 गाड़ियां एक साथ खड़ी हो सकेंगी। अभी पटना जंक्शन पर व्यवस्थित पार्किंग की कमी के कारण जहां-तहां गाड़ियां खड़ी होने से अक्सर जाम लगता है। स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था में बिना अनुमति वाहनों की इंट्री नहीं होगी। मेन गेट के काउंटर पर ऑनलाइन या ऑफलाइन टिकट दिखाने के बाद ही बैरियर खुलेगा और वाहन अंदर प्रवेश कर सकेंगे। नए भवन में ये सुविधाएं होंगी 500 करोड़ से जी प्लस टू बिल्डिंग बनेगी
रेल अधिकारियों के अनुसार, पटना जंक्शन की री-मॉडलिंग के लिए मई में ही सर्वे हुआ है। 500 करोड़ की लागत से स्टेशन को जी प्लस टू विश्वस्तरीय बिल्डिंग में बदला जाएगा। प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट तैयार है, जिसमें करबिगहिया और महावीर मंदिर छोर के सर्कुलेटिंग एरिया व पार्किंग में कुछ सुधार किए जा रहे हैं। इन मामूली बदलावों के बाद फाइनल डीपीआर मंजूरी के लिए इसी साल रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। स्टेशन के मेन गेट के पास खड़ा स्टीम इंजन हटेगा पटना जंक्शन के मेन गेट के पास खड़े पुराने स्टीम इंजन को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। इससे महावीर मंदिर के पास सर्कुलेटिंग एरिया चौड़ा हो जाएगा। इंजन हटने से मुख्य गेट के पास काफी खाली मिलेगी, जिससे पिक एंड ड्रॉप के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। यात्रियों की आवाजाही सुगम होगी और वाहन पावर हाउस के रास्ते सीधे जीपीओ की ओर निकल सकेंगे।  

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