जमीन घटी तो खरीदी जाएगी बिहार सरकार ने प्राकृतिक व पर्वतीय अंचलों को पर्यटन के राष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए ईको टूरिज्म और सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा) को मिशन मोड में पूरा करने का फैसला लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अफसरों से कहा कि जहां ईको टूरिज्म के लिए सरकारी जमीन कम पड़े, वहां इसे खरीद कर या अधिग्रहण कर पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में काम तेजी से पूरा करें। वे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने ओढ़नी डैम (बांका), खड़गपुर व जालकुंड डैम (मुंगेर) व ताराकोल डैम (नवादा) के आसपास पर्यटकीय सुविधाएं तुरंत बहाल करने को कहा। बोले-खड़गपुर डैम के पास ‘ग्लास रूम’ बनेगा। खगड़िया के कसरैया धार को नए ईको टूरिज्म स्थल के रूप में संवारा जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण के दौरान केवल बांस, लकड़ी जैसी पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ सामग्रियों का उपयोग हो। जरूरत के अनुसार रोप-वे लगाए जाएं। ग्रीन एनर्जी के लिए सोलराइजेशन हो। बड़े तालाबों व जलाशयों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर हरित आवरण बढ़ाने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जाए। विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने इस बारे में तैयार कार्ययोजना के बारे में बताया। इस दौरान विभागीय मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत व प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह आदि भी मौजूद थे। कैलाशपति मिश्र की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनेगी : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मंत्री कैलाशपति मिश्र की जयंती पर आईसीएआर परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाशपति मिश्र ने राष्ट्र निर्माण, समाज और संगठन की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान प्रेरक रहा। उन्होंने घोषणा की कि आगामी वर्ष से कैलाशपति मिश्र की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी, ताकि उनके विचारों और भूमिका का सम्मान व्यापक स्तर पर हो सके। इधर, भाजपा प्रदेश कार्यालय में कैलाशपति मिश्र की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी मौजूद थे। वहीं, इधर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कैलाशपति मिश्र की जयंती पर उन्हें नमन किया। कहा कि उनका जीवन सादगी, संगठन और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा। जमीन घटी तो खरीदी जाएगी बिहार सरकार ने प्राकृतिक व पर्वतीय अंचलों को पर्यटन के राष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए ईको टूरिज्म और सोलराइजेशन (सौर ऊर्जा) को मिशन मोड में पूरा करने का फैसला लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अफसरों से कहा कि जहां ईको टूरिज्म के लिए सरकारी जमीन कम पड़े, वहां इसे खरीद कर या अधिग्रहण कर पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में काम तेजी से पूरा करें। वे पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने ओढ़नी डैम (बांका), खड़गपुर व जालकुंड डैम (मुंगेर) व ताराकोल डैम (नवादा) के आसपास पर्यटकीय सुविधाएं तुरंत बहाल करने को कहा। बोले-खड़गपुर डैम के पास ‘ग्लास रूम’ बनेगा। खगड़िया के कसरैया धार को नए ईको टूरिज्म स्थल के रूप में संवारा जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों में निर्माण के दौरान केवल बांस, लकड़ी जैसी पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ सामग्रियों का उपयोग हो। जरूरत के अनुसार रोप-वे लगाए जाएं। ग्रीन एनर्जी के लिए सोलराइजेशन हो। बड़े तालाबों व जलाशयों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर हरित आवरण बढ़ाने का लक्ष्य समय पर पूरा किया जाए। विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने इस बारे में तैयार कार्ययोजना के बारे में बताया। इस दौरान विभागीय मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत व प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरविंदर सिंह आदि भी मौजूद थे। कैलाशपति मिश्र की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनेगी : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मंत्री कैलाशपति मिश्र की जयंती पर आईसीएआर परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाशपति मिश्र ने राष्ट्र निर्माण, समाज और संगठन की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान प्रेरक रहा। उन्होंने घोषणा की कि आगामी वर्ष से कैलाशपति मिश्र की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी, ताकि उनके विचारों और भूमिका का सम्मान व्यापक स्तर पर हो सके। इधर, भाजपा प्रदेश कार्यालय में कैलाशपति मिश्र की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी मौजूद थे। वहीं, इधर, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कैलाशपति मिश्र की जयंती पर उन्हें नमन किया। कहा कि उनका जीवन सादगी, संगठन और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा।

