यमुनानगर में राशन डिपो होल्डरों का प्रदर्शन:बोले- 4 महीने से कमीशन नहीं मिला, भूखे मरने की नौबत, डीसी को सौंपा ज्ञापन

यमुनानगर में राशन डिपो होल्डरों का प्रदर्शन:बोले- 4 महीने से कमीशन नहीं मिला, भूखे मरने की नौबत, डीसी को सौंपा ज्ञापन

यमुनानगर के राशन डिपो होल्डरों ने पिछले चार महीने से कमीशन नहीं मिलने के विरोध में सोमवार को रोष प्रदर्शन किया। डिपो होल्डर एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए अपना मांग पत्र सौंपा। डिपो होल्डरों का कहना है कि वे सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लोगों को नियमित रूप से राशन वितरण का काम पूरी जिम्मेदारी से कर रहे हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला कमीशन पिछले चार महीने से अटका हुआ है। कमीशन नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और कई डिपो होल्डरों को परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। सरकार ने राशि भेजी, फिर भी भुगतान अटका होने का आरोप जिला राशन डिपो एसोसिएशन के प्रधान सुशील मित्तल ने बताया कि यमुनानगर जिले में करीब 570 राशन डिपो हैं, जो 13 सेंटरों के माध्यम से काम कर रहे हैं। पिछले चार महीने से उन्हें उनके काम का कमीशन नहीं मिला है। सुशील मित्तल ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से डिपो होल्डरों के चार महीने के कमीशन की राशि कार्यालय में भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी द्वारा भुगतान जारी नहीं किया जा रहा। एसोसिएशन का कहना है कि इस संबंध में कई बार लिखित शिकायतें दी गई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। एजेंसी के हिसाब-किताब से डिपो होल्डरों का क्या लेना-देना: एसोसिएशन डिपो होल्डरों का कहना है कि भुगतान एजेंसी को सरकार की ओर से डिपो होल्डरों के कमीशन की राशि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है, लेकिन अधिकारी ने नियमों के विपरीत उनका भुगतान रोक रखा है। डिपो होल्डरों का कहना है कि वे कई बार संबंधित अधिकारी से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। आरोप है कि अधिकारी की ओर से यह कहा जा रहा है कि एजेंसी और को-ऑपरेटिव स्टोर का हिसाब लंबित है। एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि एजेंसी और को-ऑपरेटिव स्टोर के बीच लंबित हिसाब-किताब से राशन डिपो होल्डरों का कोई लेना-देना नहीं है। इसके चलते उनका कमीशन रोकना उचित नहीं है।

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