दिल्ली की 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीन हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा कि नए सेंट्रल विस्टा प्लान में लाइब्रेरी के लिए कितनी जगह दी गई है। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने सोमवार को केंद्र से जगह का लेआउट प्लान और पूरा ब्योरा हलफनामे में देने को कहा है। कोर्ट ने पूछा कि 1891 से चल रही लाइब्रेरी और 8.5 लाख किताबों के साथ आरके पुरम में रखी 2 लाख किताबें के लिए क्या सिर्फ दो कमरे दिए जा रहे हैं। कोर्ट ने पूछा कि आरके पुरम में रखी किताबों का क्या होगा। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील हरिप्रिया पद्मनाभन को अमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। यह मामला कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर शुरू किया है। शास्त्री भवन हटाने की योजना से विवाद शुरू सेंट्रल विस्टा योजना के तहत शास्त्री भवन को हटाने की योजना है। यहां 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी चल रही है, जिसे दूसरी जगह शिफ्ट करना होगा। लाइब्रेरी में 8.5 लाख से ज्यादा किताबें और दस्तावेज हैं। 29 सितंबर की द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में नई जगह पर्याप्त होने पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले खुद से नोटिस लिया। केंद्र ने कहा- लाइब्रेरी के लिए जगह तय केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने कहा कि कर्तव्य पथ पुनर्विकास योजना में लाइब्रेरी के लिए जगह तय है। मंत्रालय ने X पर बताया कि नई लाइब्रेरी के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है। 1891 में हुई थी शुरुआत
सुप्रीम कोर्ट ने 135 साल पुरानी लाइब्रेरी पर जवाब मांगा:सरकार से पूछा- सेंट्रल विस्टा में 8.5 लाख किताबों के लिए कितनी जगह, क्या 2 कमरे मिलेंगे

