Russia Pneumonic Plague: रूस बोला-‘प्लेग नहीं’, फिर 197 लोग क्यों निगरानी में? साइबेरिया की मौत ने खड़े किए बड़े सवाल

Russia Pneumonic Plague: रूस बोला-‘प्लेग नहीं’, फिर 197 लोग क्यों निगरानी में? साइबेरिया की मौत ने खड़े किए बड़े सवाल

Russia Plague Scare: रूस के इरकुत्स्क इलाके में एक लैब कर्मचारी की संदिग्ध संक्रमण से मौत ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 200 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है, लेकिन रूसी अधिकारियों ने अब तक मौत को न्यूमोनिक प्लेग से हुई मौत के तौर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सरकारी एजेंसियां इसे फिलहाल अज्ञात कारणों वाली निमोनिया और विशेष रूप से खतरनाक संक्रमण की आशंका से जोड़ रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल बीमारी की पहचान को लेकर बना हुआ है।

Russia Pneumonic Plague: क्या हुआ था इरकुत्स्क में?

रूस के इरकुत्स्क क्षेत्र के शेलेखोव में स्थित Irkutsk Anti-Plague Research Institute की एक युवा लैब कर्मचारी की गंभीर बीमारी के बाद मौत हो गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महिला को गंभीर निमोनिया के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और हालत बिगड़ने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि प्रयोगशाला में सैंपल संभालते समय जीवित बैक्टीरिया वाली टेस्ट ट्यूब टूटने की घटना हुई थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

रूसी अधिकारियों ने क्या कहा?

यही इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू है। रूस की स्वास्थ्य एवं उपभोक्ता सुरक्षा निगरानी संस्था Rospotrebnadzor ने महिला की बीमारी को अज्ञात कारण वाली निमोनिया बताया है। संस्था ने यह भी कहा कि इरकुत्स्क और शेलेखोव में सैनिटरी एवं महामारी संबंधी स्थिति फिलहाल स्थिर है।

रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने मामले को देखते हुए विशेष स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। क्षेत्रीय गवर्नर इगोर कोबजेव ने भी लोगों से घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

वहीं पड़ोसी बुर्यातिया के प्रमुख अलेक्सी त्सीडेनोव ने बीमारी को प्लेग के किसी अनिश्चित रूप से जोड़कर टिप्पणी की, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि वहां प्लेग का कोई प्रकोप नहीं है, जिसमें मंगोलिया से लगते इलाके भी शामिल हैं।

197 लोग निगरानी में, अस्पताल में बढ़ी सतर्कता

मृतक के संपर्क में आए लोगों की पहचान के बाद करीब 197 लोगों को मेडिकल निगरानी में रखा गया। रिपोर्टों के मुताबिक इनमें 100 से अधिक लोग अस्पतालों में निगरानी में हैं। शेलेखोव जिला अस्पताल में क्वारंटीन उपाय लागू किए गए और कुछ अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भी सावधानी बढ़ाई गई।

स्थानीय औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को मास्क पहनने की सलाह दी गई। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक अब तक चिन्हित करीबी संपर्कों में बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं और उपलब्ध जांच के नतीजे नकारात्मक रहे हैं।

प्रशासन ने कुछ सार्वजनिक कार्यक्रम भी रद्द किए हैं। साथ ही, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच के लिए आपराधिक जांच शुरू किए जाने की खबर है।

क्या वाकई न्यूमोनिक प्लेग है?

फिलहाल इसका जवाब नहीं कहा जा सकता। रूसी अधिकारियों की सार्वजनिक जानकारी में न्यूमोनिक प्लेग की पुष्टि नहीं हुई है। पूर्व Rospotrebnadzor प्रमुख गेन्नादी ओनिशचेंको ने भी आशंका जताई कि रोगजनक संभवतः प्लेग नहीं है।

न्यूमोनिक प्लेग Yersinia pestis नामक जीवाणु से होने वाला गंभीर संक्रमण है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है और संक्रमित व्यक्ति से सांस की बूंदों के जरिए दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। समय पर उचित एंटीबायोटिक उपचार मिलने पर इसका इलाज संभव है।

फिलहाल रूस का आधिकारिक रुख यही है कि संक्रमण की वास्तविक वजह स्पष्ट होने तक इसे प्लेग का पुष्ट मामला नहीं माना जा सकता। यही वजह है कि दहशत से ज्यादा जांच और निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।

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