जमुई के सदर अस्पताल में ड्यूटी के दौरान महिला चिकित्सक के गायब रहने और एक ही रात में दो प्रसूताओं की मौत के मामले के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम के निर्देश पर रविवार रात एसडीओ सौरव कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने खैरा मोड़ स्थित डॉ. शालिनी के क्लिनिक सह आवास पर छापेमारी की। जांच के दौरान क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2021 से ही फेल मिला। इसके बाद प्रशासन ने निजी क्लिनिक के छह कमरों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सदर अस्पताल उपाधीक्षक, जमुई सदर बीडीओ और सीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने क्लिनिक के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अतिथि सेवा सदन नाम से चल रहा था क्लिनिक एसडीओ सौरव कुमार ने बताया कि प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि खैरा मोड़ के आसपास अतिथि सेवा सदन नाम से एक क्लिनिक संचालित हो रहा है। सूचना में क्लिनिक का वैध रजिस्ट्रेशन नहीं होने की बात कही गई थी। इसके अलावा क्लिनिक में ओटी और पैथोलॉजी लैब संचालित होने की भी जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने सिविल सर्जन से क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन की स्थिति की पुष्टि कराई। सिविल सर्जन से रजिस्ट्रेशन नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने रविवार रात क्लिनिक पहुंचकर जांच शुरू की। दस्तावेजों की जांच में 2021 से फेल मिला रजिस्ट्रेशन प्रशासनिक टीम ने क्लिनिक पहुंचने के बाद वहां उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की। जांच में क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2021 से ही फेल पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने क्लिनिक के छह कमरों को सील कर दिया। टीम ने क्लिनिक के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण करने के साथ वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। एसडीओ ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मरीजों से भी पूछताछ की। स्थानीय लोगों से भी क्लिनिक के संचालन से संबंधित जानकारी ली गई। टीम पहुंची तो जुट गई लोगों की भीड़ रविवार रात प्रशासनिक टीम के क्लिनिक पहुंचते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। एसडीओ ने अधिकारियों के साथ क्लिनिक का निरीक्षण किया। इस दौरान क्लिनिक में मौजूद मरीजों और अन्य लोगों से जानकारी ली गई। प्रशासन ने क्लिनिक में उपलब्ध दस्तावेजों और वहां संचालित गतिविधियों की भी जांच की। इसके बाद छह कमरों को सील कर दिया गया। सदर अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत के बाद शुरू हुई जांच दरअसल, शनिवार और रविवार को सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान दो प्रसूताओं की मौत का मामला सामने आया था। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक के मौजूद नहीं रहने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया था। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। डीएम के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई। इसी जांच के क्रम में रविवार रात प्रशासनिक टीम डॉ. शालिनी के क्लिनिक सह आवास पहुंची। अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद सदर अस्पताल में हुई दोनों प्रसूताओं की मौत, ड्यूटी से चिकित्सक की अनुपस्थिति और निजी क्लिनिक के संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच पर नजर है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जमुई के सदर अस्पताल में ड्यूटी के दौरान महिला चिकित्सक के गायब रहने और एक ही रात में दो प्रसूताओं की मौत के मामले के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएम के निर्देश पर रविवार रात एसडीओ सौरव कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने खैरा मोड़ स्थित डॉ. शालिनी के क्लिनिक सह आवास पर छापेमारी की। जांच के दौरान क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2021 से ही फेल मिला। इसके बाद प्रशासन ने निजी क्लिनिक के छह कमरों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सदर अस्पताल उपाधीक्षक, जमुई सदर बीडीओ और सीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने क्लिनिक के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अतिथि सेवा सदन नाम से चल रहा था क्लिनिक एसडीओ सौरव कुमार ने बताया कि प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि खैरा मोड़ के आसपास अतिथि सेवा सदन नाम से एक क्लिनिक संचालित हो रहा है। सूचना में क्लिनिक का वैध रजिस्ट्रेशन नहीं होने की बात कही गई थी। इसके अलावा क्लिनिक में ओटी और पैथोलॉजी लैब संचालित होने की भी जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने सिविल सर्जन से क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन की स्थिति की पुष्टि कराई। सिविल सर्जन से रजिस्ट्रेशन नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने रविवार रात क्लिनिक पहुंचकर जांच शुरू की। दस्तावेजों की जांच में 2021 से फेल मिला रजिस्ट्रेशन प्रशासनिक टीम ने क्लिनिक पहुंचने के बाद वहां उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की। जांच में क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2021 से ही फेल पाया गया। इसके बाद प्रशासन ने क्लिनिक के छह कमरों को सील कर दिया। टीम ने क्लिनिक के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण करने के साथ वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। एसडीओ ने बताया कि कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद मरीजों से भी पूछताछ की। स्थानीय लोगों से भी क्लिनिक के संचालन से संबंधित जानकारी ली गई। टीम पहुंची तो जुट गई लोगों की भीड़ रविवार रात प्रशासनिक टीम के क्लिनिक पहुंचते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। एसडीओ ने अधिकारियों के साथ क्लिनिक का निरीक्षण किया। इस दौरान क्लिनिक में मौजूद मरीजों और अन्य लोगों से जानकारी ली गई। प्रशासन ने क्लिनिक में उपलब्ध दस्तावेजों और वहां संचालित गतिविधियों की भी जांच की। इसके बाद छह कमरों को सील कर दिया गया। सदर अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत के बाद शुरू हुई जांच दरअसल, शनिवार और रविवार को सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान दो प्रसूताओं की मौत का मामला सामने आया था। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक के मौजूद नहीं रहने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया था। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। डीएम के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई। इसी जांच के क्रम में रविवार रात प्रशासनिक टीम डॉ. शालिनी के क्लिनिक सह आवास पहुंची। अब प्रशासन की कार्रवाई के बाद सदर अस्पताल में हुई दोनों प्रसूताओं की मौत, ड्यूटी से चिकित्सक की अनुपस्थिति और निजी क्लिनिक के संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच पर नजर है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

