जबलपुर से 40 किलोमीटर दूर आदिवासी बाहुल्य इलाके कल्याणपुर में 49 वर्षीय जगदीश प्रसाद गौड़ की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। 30 सितंबर की रात करीब 1 बजे पड़ोसी अग्नेयू विश्वकर्मा और उसके दोस्त परीवा बैगा ने घर में घुसकर जगदीश के सीने पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। रविवार, 4 अक्टूबर को बघराजी चौकी और कुंडम थाना पुलिस ने जंगल में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, हत्या की वजह महिलाओं के बीच हुआ विवाद था। झाड़ू लगाने के दौरान हुआ था विवाद मृतक जगदीश और आरोपी अग्नेयू विश्वकर्मा पड़ोसी हैं। दोनों की पत्नियों के बीच अक्सर किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता था। करीब एक सप्ताह पहले घर के बाहर झाड़ू लगाते समय दोनों महिलाएं आमने-सामने आ गईं और उनके बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान अग्नेयू की पत्नी ने जगदीश की पत्नी को थप्पड़ मारकर धक्का दे दिया। यह सब जगदीश देख रहा था। उसने आरोपी की पत्नी को गाली देना शुरू कर दिया। रात में अग्नेयू काम से घर लौटा तो उसकी पत्नी ने उसे पूरी बात बताई। इसके बाद जगदीश और अग्नेयू के बीच भी जमकर विवाद हुआ, जिसे गांव वालों ने शांत कराया। दोस्त के साथ हत्या का प्लान बनाया अग्नेयू को यह बात नागवार गुजरी कि जगदीश ने उसके साथ गाली-गलौज की थी। इसके बाद उसने अपने दोस्त परीवा बैगा के साथ मिलकर जगदीश की हत्या का प्लान बनाया। घटना से 15 दिन पहले जगदीश की पत्नी मजदूरी करने जबलपुर चली गई थी। इस दौरान जगदीश घर पर अकेला था। रात में शराब पी, फिर कुल्हाड़ी लेकर पहुंचे प्लान के मुताबिक, 30 तारीख की रात अग्नेयू ने परीवा को अपने घर बुलाया। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी और खाना खाया। उन्हें पता था कि जगदीश की पत्नी घर पर नहीं है और वह अकेला है। इसके बाद दोनों कुल्हाड़ी लेकर रात करीब 1 बजे जगदीश के घर में घुसे। दोनों ने जगदीश के सीने पर ताबड़तोड़ कुल्हाड़ी से हमला किया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए। जीजा ने चौकी पहुंचकर दी सूचना 1 सितंबर को गांव में रहने वाले जगदीश के जीजा ने बघराजी चौकी पहुंचकर बताया कि देर रात किसी ने जगदीश की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए कुंडम भेजा और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। महिला ने दोनों को कुल्हाड़ी के साथ देखा बघराजी चौकी प्रभारी मुनेश कोल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान जगदीश के घर के सामने रहने वाली द्रोपदी बाई ने पुलिस को बताया कि 30 तारीख की रात उसने अग्नेयू और परीवा को जगदीश के घर से बाहर निकलते देखा था। दोनों के हाथों में खून से सनी कुल्हाड़ी थी। द्रोपदी बाई ने पुलिस को बताया कि वह इस कदर डर गई थी कि उस समय कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। महिला के बयान के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की तो दोनों के गायब होने की जानकारी मिली। जंगल में भाग जाते थे आरोपी जगदीश की हत्या के आरोप में बघराजी पुलिस चौकी लगातार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही थी। कल्याणपुर गांव जंगल के नीचे बसा है। ऐसे में जब भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने गांव पहुंचती, दोनों घने जंगल में भाग जाते थे। रविवार को बघराजी पुलिस चौकी और कुंडम थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने जंगल में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बोला- गाली देने से परेशान था अग्नेयू ने पुलिस को बताया कि जब भी वह घर से बाहर निकलता था, जगदीश रोड पर खड़े होकर तेज आवाज में उसे गाली देता था। उसने कई बार जगदीश को समझाया, लेकिन जब वह नहीं माना तो उसने दोस्त परीवा के साथ मिलकर उसकी हत्या का प्लान बनाया और उसे मार दिया।

