बांदा जनपद के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर के आवासों में हुई चोरी के मामले में करीब डेढ़ महीने बाद भी आरोपित पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। अब पुलिस ने चोरों की गिरफ्तारी के लिए मध्यप्रदेश में डेरा डाला है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि आरोपियो की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें मध्यप्रदेश भेजी गई हैं। टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बता दे की 18 अगस्त की रात रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज परिसर में चोरों ने डॉक्टर विकास कनौजिया और नर्सिंग ऑफिसर प्रभा प्रजापति के बंद सरकारी आवासों को निशाना बनाया था। दोनों आवासों के ताले तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए और अलमारी में रखे जेवरात व कीमती सामान लेकर फरार हो गए थे। डॉक्टर विकास कनौजिया के आवास से करीब 40 लाख रुपये के जेवर और कीमती सामान चोरी होने की बात सामने आई थी। वहीं नर्सिंग ऑफिसर प्रभा प्रजापति के आवास से करीब 7 से 8 लाख रुपये के जेवर चोरी हुए थे। 20 अगस्त को सामने आई थी घटना, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई थी। फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियां भी सामने आई थीं। इसके बाद सर्विलांस और एसओजी समेत पुलिस की टीमों को चोरों की तलाश में लगाया गया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह कोई सामान्य चोर गिरोह नहीं है। गिरोह के सदस्य इससे पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में 14 मेडिकल कॉलेजों में चोरी की वारदात कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज को निशाना बनाया, यानी यह उनकी 15वीं वारदात थी। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया की पुलिस की दो टीमें मध्यप्रदेश में आरोपियों की तलाश कर रही हैं। गिरोह से जुड़े संदिग्धों तक पहुंचने के लिए लगातार सुराग जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

