ऑनलाइन निवेश में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने तीन लोगों से करीब 52 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ितों को निवेश पर अच्छे लाभ का भरोसा दिलाया और शुरुआत में मुनाफे का स्क्रीनशॉट दिखाकर विश्वास जीता। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर रकम ट्रांसफर कराई। पीड़ितों की शिकायत पर शनिवार को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केस-1
ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी का पहला मामला कारोबारी अनिश शर्मा का है। अनिश की उम्र 27 साल है और वह बिसरख थाना क्षेत्र की आम्रपाली लेजर वैली सोसायटी में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 30 अप्रैल 2026 को वाट्सऐप के माध्यम से उनकी बातचीत कथित निधि नाम की महिला से शुरू हुई। महिला ने शेयर बाजार से संबंधित जानकारी देने और निवेश में अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया। शुरुआत में अनिश ने उसके बताए कुछ सौदे अपने ब्रोकर खाते से किए, जिनमें उन्हें लाभ हुआ। इससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद महिला ने अनीश की बातचीत अनुराग नाम के व्यक्ति से कराई। अनुराग ने खुद को निवेश का संचालन करने वाला बताया और दूसरे लोगों के निवेश का प्रबंधन करने का दावा किया। उसकी बातों में आकर अनीश ने छोटी-छोटी रकम निवेश करनी शुरू कर दी। उन्हें लाभ के स्क्रीनशॉट दिखाए गए और ज्यादा रकम लगाने पर अधिक मुनाफे का लालच दिया गया। 30 अप्रैल से एक जुलाई 2026 के बीच उन्होंने 28 लेनदेन में अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर कुल 29 लाख 61 हजार 994 रुपये ट्रांसफर किए। रकम वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगे।
केस-2
हरेश बिहारी जोहरी ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में 11 लाख 36 हजार 700 रुपये गंवाने की शिकायत की है। वह दादरी में रहते हैं। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने किसी डील में खुद पेश होकर उन्हें झांसे में लिया और रुपये ट्रांसफर करा लिए। मामले में फर्जी दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। केस-3
तीसरे मामले में सेक्टर 76 निवासी आनंद कुमार सिंह ने 11 लाख 11 हजार 500 रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने भी आरोप लगाया कि जालसाजों ने पहचान छिपाकर उन्हें धोखा दिया और रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। दोनों मामलों में पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की है।

