Yemen-Houthi Conflict: मिडिल ईस्ट में एक और जंग की आहट? यमन ने हूतियों के खिलाफ शुरू किया बड़ा सैन्य अभियान

Yemen-Houthi Conflict: मिडिल ईस्ट में एक और जंग की आहट? यमन ने हूतियों के खिलाफ शुरू किया बड़ा सैन्य अभियान

Middle East Conflict: दुनिया में एक और नया युद्ध शुरू होने के आसार नजर आ रहे हैं। रूस युक्रेन युद्ध, इजरायल गजा युद्ध और ईरान अमेरिका युद्ध (US-Iran War) के बाद अब हूती विद्रोहियों और यमन की सरकार के बीच नया युद्ध शुरू हो सकता है। दरअसल, यमन सरकार ने हूतियों के खिलाफ अब सीधी और बड़ी सैन्य कार्रवाई का ऐलान कर दिया है। यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख राशद अल-अलीमी (Rashad al-Alimi) ने रविवार को कहा कि सरकार देश के उन इलाकों को वापस लेने के लिए एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर रही है, जो अभी हूतियों के कब्जे में हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मिडिल ईस्ट में एक और नया युद्ध शुरू होने जा रहा है।

यमन ने कहा- अब होगी सीधी कार्रवाई

हूतियों के द्वारा किए जा रहे हमलों को लेकर अल-अलीमी ने कहा कि शांति और तनाव कम करने के सभी रास्ते आजमाए जा चुके हैं। लेकिन अब सेना और सुरक्षा बलों को हूतियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया गया है। उनका लक्ष्य यमन के पूरे इलाके में सरकारी नियंत्रण और सरकारी संस्थाओं को फिर से स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी धर्म, समुदाय या आम नागरिक के खिलाफ नहीं है।

कौन हैं हूती और क्यों है इतना बड़ा खतरा?

हूती यमन का जैदी शिया उग्रवादी समूह है, जो वर्ष 1990 के दशक में यमन सरकार के खिलाफ विद्रोही समूह के रूप में उभरा। इसे ईरान का समर्थन हासिल है। यह संगठन लंबे समय से यमन की सरकार के खिलाफ लड़ता रहा है। गजा युद्ध के बाद हूतियों ने लाल सागर और बाब-अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाकर वैश्विक शिपिंग के लिए बड़ा खतरा पैदा किया है। मिडिल ईस्ट में वर्तमान समय में हूतियों ने सऊदी अरब की तेल रिफाइनरियों पर बड़े हमले करके काफी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में हूती मिडिल ईस्ट में एक प्रमुख विद्रोही समूह के रूप में उभरा है।

सऊदी अरब के समर्थन की तारीफ

अल-अलीमी ने यमन को समर्थन देने के लिए सऊदी अरब का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने यमन के लोगों की मदद करने के साथ-साथ लाखों यमनी नागरिकों को अपने यहां शरण भी दी है। अल-अलीमी ने सऊदी अरब को यमन और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा, शांति और स्थिरता में एक अहम साझेदार बताया। उन्होंने दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी यमन की सेना और सरकारी संस्थाओं का समर्थन करने की अपील की।

यमन की सभी संस्थाएं अलर्ट पर

अल-अलीमी ने कहा कि सैन्य, सुरक्षा और सरकारी संस्थाएं अभियान पूरा होने तक पूरी तरह अलर्ट पर रहेंगी। सरकार का अगला फोकस सिर्फ इलाकों को वापस लेना नहीं, बल्कि वहां सरकारी व्यवस्था, जरूरी सेवाएं और सुरक्षा दोबारा बहाल करना भी होगा।

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