नालंदा में रविवार को पति-पत्नी की आहर में डूबकर मौत हो गई। दंपती के बेटे सतवीर ने बताया कि गोतिया में दादी का दसकर्म (श्राद्ध कर्म) था। उसी कार्यक्रम में मुंडन कराने के लिए पिता धनकेश्वर मांझी गए थे। वे देख नहीं सकते थे, इसलिए मां बालेश्वरी देवी भी उनके साथ गई थी। मुंडन के बाद पिता गांव के ही आहर में नहाने गए थे। मां पास में ही कपड़े धोने लगी। स्नान करने के दौरान पिता का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। मां बालेश्वरी देवी उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद गईं। दुर्भाग्यवश, पानी अधिक गहरा होने की वजह से दोनों आहर में समा गए। घटना अस्थावां थाना क्षेत्र अंतर्गत शेरपुर गांव की है। पहले पत्नी, फिर पति की मिली लाश चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े और पानी में दोनों की खोजबीन शुरू की। ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद बालेश्वरी देवी के शव को पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन धनकेश्वर मांझी का कोई सुराग नहीं मिला। सूचना मिलते ही अस्थावां थाना की पुलिस और अंचलकर्मी मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की विफलता के बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गहरे पानी से धनकेश्वर मांझी का शव भी बरामद कर लिया। मृतक अपने पीछे 4 बेटे और 2 बेटियों का परिवार छोड़ गए हैं। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने बताया कि दोनों शवों को आहर से बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नालंदा में रविवार को पति-पत्नी की आहर में डूबकर मौत हो गई। दंपती के बेटे सतवीर ने बताया कि गोतिया में दादी का दसकर्म (श्राद्ध कर्म) था। उसी कार्यक्रम में मुंडन कराने के लिए पिता धनकेश्वर मांझी गए थे। वे देख नहीं सकते थे, इसलिए मां बालेश्वरी देवी भी उनके साथ गई थी। मुंडन के बाद पिता गांव के ही आहर में नहाने गए थे। मां पास में ही कपड़े धोने लगी। स्नान करने के दौरान पिता का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। मां बालेश्वरी देवी उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद गईं। दुर्भाग्यवश, पानी अधिक गहरा होने की वजह से दोनों आहर में समा गए। घटना अस्थावां थाना क्षेत्र अंतर्गत शेरपुर गांव की है। पहले पत्नी, फिर पति की मिली लाश चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े और पानी में दोनों की खोजबीन शुरू की। ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद बालेश्वरी देवी के शव को पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन धनकेश्वर मांझी का कोई सुराग नहीं मिला। सूचना मिलते ही अस्थावां थाना की पुलिस और अंचलकर्मी मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की विफलता के बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गहरे पानी से धनकेश्वर मांझी का शव भी बरामद कर लिया। मृतक अपने पीछे 4 बेटे और 2 बेटियों का परिवार छोड़ गए हैं। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने बताया कि दोनों शवों को आहर से बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

