चीन को हराकर इतिहास रचने वाली Ishika Sambharwal का भिवानी में खास स्वागत

चीन को हराकर इतिहास रचने वाली Ishika Sambharwal का भिवानी में खास स्वागत

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम की इस जीत के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ी इशिका सांभरवाल का रविवार को हरियाणा के भिवानी में घर लौटने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।इशिका सांभरवाल ने कहा- चीन से मुकाबले को लेकर था पूरा भरोसाइशिका सांभरवाल ने घर लौटने पर मिले स्वागत और लोगों के समर्थन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “मैं यहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी खुशी में शामिल होते और मेरा समर्थन करते देखकर बेहद खुश हूं।”चीन के खिलाफ फाइनल मुकाबले को लेकर इशिका ने कहा कि टीम को पता था कि चीन उनसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन खिलाड़ियों को उसे हराने का पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, “हमें पता था कि चीन हमसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन हमें भरोसा था कि हम उसे हरा सकते हैं। हमने वर्ल्ड कप में भी चीन के खिलाफ बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।”अब पूरा ध्यान ओलंपिक परएशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद इशिका ने कहा कि अब टीम का पूरा ध्यान ओलंपिक पर रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा बनने को अपने लिए गर्व की बात बताया। इशिका ने कहा, “अब हमारा पूरा ध्यान ओलंपिक पर होगा। मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे इस टीम और उस स्क्वाड का हिस्सा बनने का मौका मिला, जिसने इतिहास रचा है।”#WATCH | Bhiwani, Haryana | Indian field hockey player Ishika Sambharwal says, “I am extremely happy to see so many people here joining in my joy and supporting me. We obviously knew that China were a higher-ranked team than us, but we believed that we could beat them. We had also performed very well against them in the World Cup… Our sole focus will be on the Olympics. I feel extremely privileged to have been part of this squad and this team that has created history…”— ANI (@ANI) October 4, 2026इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में गोल्ड जीतकर लौटीं Ishika Chaudhary, ग्वालियर में हुआ जोरदार स्वागतमां आशा सांभरवाल ने भी टीम की मेहनत को सराहाइशिका की मां आशा सांभरवाल ने भी भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार ने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में पदक जीता।आशा सांभरवाल ने कहा, “हमने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद पदक जीता। खिलाड़ी जिस तरह मेहनत कर रही हैं, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि टीम का प्रदर्शन आगे और बेहतर ही होगा।”44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्डभारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में गत चैंपियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल किया। मैच में गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया। उनके इस बचाव ने भारत की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहाजीत के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकटएशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी।1982 के बाद दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्डभारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय पहली बार महिला हॉकी को एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। अब 44 साल बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। 

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम की इस जीत के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ी इशिका सांभरवाल का रविवार को हरियाणा के भिवानी में घर लौटने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

इशिका सांभरवाल ने कहा- चीन से मुकाबले को लेकर था पूरा भरोसा

इशिका सांभरवाल ने घर लौटने पर मिले स्वागत और लोगों के समर्थन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “मैं यहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी खुशी में शामिल होते और मेरा समर्थन करते देखकर बेहद खुश हूं।”

चीन के खिलाफ फाइनल मुकाबले को लेकर इशिका ने कहा कि टीम को पता था कि चीन उनसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन खिलाड़ियों को उसे हराने का पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा, “हमें पता था कि चीन हमसे बेहतर रैंकिंग वाली टीम है, लेकिन हमें भरोसा था कि हम उसे हरा सकते हैं। हमने वर्ल्ड कप में भी चीन के खिलाफ बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।”

अब पूरा ध्यान ओलंपिक पर

एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद इशिका ने कहा कि अब टीम का पूरा ध्यान ओलंपिक पर रहेगा। उन्होंने इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा बनने को अपने लिए गर्व की बात बताया। इशिका ने कहा, “अब हमारा पूरा ध्यान ओलंपिक पर होगा। मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे इस टीम और उस स्क्वाड का हिस्सा बनने का मौका मिला, जिसने इतिहास रचा है।”

इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में गोल्ड जीतकर लौटीं Ishika Chaudhary, ग्वालियर में हुआ जोरदार स्वागत

मां आशा सांभरवाल ने भी टीम की मेहनत को सराहा

इशिका की मां आशा सांभरवाल ने भी भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि परिवार ने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में पदक जीता।

आशा सांभरवाल ने कहा, “हमने फाइनल मुकाबला देखा, जिसमें भारत ने 44 साल बाद पदक जीता। खिलाड़ी जिस तरह मेहनत कर रही हैं, उसे देखते हुए मुझे लगता है कि टीम का प्रदर्शन आगे और बेहतर ही होगा।”

44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड

भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में गत चैंपियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल किया। मैच में गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया। उनके इस बचाव ने भारत की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा

जीत के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट

एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी।

1982 के बाद दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड

भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय पहली बार महिला हॉकी को एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। अब 44 साल बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

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