जापान के नगोया एशियाई खेल में भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर लौटे रोहित यादव का जौनपुर में स्वागत किया गया। रविवार दोपहर एक बजे कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम सैमुअल पाल एन ने उन्हें सम्मानित किया। डीएम ने रोहित यादव को माला, अंगवस्त्र और बुके देकर स्वागत किया। रोहित ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि देश, प्रदेश और जिले के लिए कांस्य पदक जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने बहुत संघर्ष किया। 2013 में उनके पिता ने उन्हें जेवलिन से परिचित कराया था, तब वे कक्षा 6 में थे। 2019 में उन्होंने पटियाला में नेशनल कैंप जॉइन किया। रोहित का अगला लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतना और 2028 के यूएसए ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना है।
उन्होंने युवाओं से कड़ी मेहनत करने और समस्याओं से न डरने की अपील की। रोहित ने कहा कि कामयाबी का कोई शॉर्टकट नहीं होता और खेल में देश के लिए कुछ करने का अलग ही मजा है। आज पिता हमारे बहुत खुश है।जब शुरुआत किया था बांस के डंडे से जब पिता ने फेका था तो वो जमीन में खड़ा हो गया था हमको लगा कि ये कैसे हो सकता है वही से पता चला ये गेम है फिर शुरुआत हो गयी सफर की। जो खिलाड़ी खेल रहे है उनको प्रशासन को मदद करनी चाहिए कि क्या जरूरत है आपको

