संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के साथ शनिवार को महिलाओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ जितिया (जीवित्पुत्रिका) का कठिन व्रत रखा। इस पावन अवसर पर नगर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही व्रती महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नगर के पक्का घाट स्थित जानकी मंदिर, दुग्धेश्वरनाथ मंदिर और राधा-कृष्ण मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाएं अपनी पूजा की थाली में फल, फूल और अन्य पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचीं। उन्होंने स्नान-ध्यान के बाद विधि-विधान से भगवान की पूजा-अर्चना की और संतान के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह 24 घंटे का अत्यंत कठिन व्रत है, जिसमें महिलाएं पूरी श्रद्धा और संयम के साथ निर्जला उपवास रखती हैं। व्रत को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और तेज धूप को देखते हुए नगर पंचायत की ओर से प्रमुख मंदिरों में टेंट व बैठने की विशेष व्यवस्था की गई थी। प्रशासनिक स्तर पर की गई इस व्यवस्था से पूजा करने पहुंची महिलाओं को काफी राहत मिली और पूरा क्षेत्र दिनभर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।

