हूती विद्रोहियों के हमलों को यमन की सेना ने किया नाकाम, मारे गए कई लड़ाके

हूती विद्रोहियों के हमलों को यमन की सेना ने किया नाकाम, मारे गए कई लड़ाके

यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के तनाव के बीच सऊदी अरब समर्थित यमन की सरकारी सेना भी हूती विद्रोहियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच भी अनौपचारिक रूप से जंग छिड़ चुकी है। दोनों पक्ष समय-समय पर एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। इसी बीच अब यमन की सेना ने हूती विद्रोहियों मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

हूती विद्रोहियों के हमलों को किया नाकाम

जानकारी के अनुसार यमन की सरकारी सेना ने हूती विद्रोहियों के हमलों को नाकाम कर दिया है। ताइज़ प्रांत में यमन मिलिट्री कमांड का कहना है कि यमनी सेनाओं ने जबल हान, हज़रान और ताइज़ शहर के अन्य पश्चिमी मोर्चों पर हूतियों हमलों को नाकाम कर दिया है।

मारे गए कई हूती लड़ाके

ताइज़ एक्सिस मीडिया सेंटर के एक बयान के अनुसार यमन की सेना और हूतियों के बीच कई घंटों तक मुठभेड़ चली। इस दौरान दर्जनों हूती लड़ाके मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

यमन की सेना की कार्रवाई जारी

हूतियों के खिलाफ यमन की सेना की कार्रवाई जारी है। पिछले कुछ दिनों में यमन की सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपने अभियान को तेज़ कर दिया है। ताइज़ में हूती ठिकानों, सैन्य जमावड़े और अतिरिक्त सैन्य बल को निशाना बनाते हुए यमन की सेना ने 71 सैन्य ऑपरेशन को अंजाम दिया। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि इन सैन्य ऑपरेशनों में हूती विद्रोहियों के कई ट्रांसपोर्ट और सपोर्ट वाहन नष्ट कर दिए गए और उनके कई लड़ाकों को मार गिराया गया।

हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब और यमन की सेना

यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ यमन की सेना को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है। इस वजह से हूती विद्रोहियों और यमन की सेना के बीच भी रुक-रूककर जंग जारी है।

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