जिले के गांव खरखड़ा में कूड़ा निस्तारण का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंचने के बावजूद खुले में कूड़ा डालने और जलाने के आरोप सामने आए हैं। 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन गांव में ग्राम सभा आयोजित होने के दौरान नए जोहड़ के पास बड़ी मात्रा में कूड़े में आग लगाए जाने का आरोप है। कूड़ा जलने से आसपास धुआं फैल गया और दुर्गंध के साथ वायु प्रदूषण की स्थिति बनने की शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ग्राम पंचायत की ओर से घरों से डोर-टू-डोर उठाया जाने वाला कूड़ा आईजी साउथ रेंज कार्यालय और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सड़क के पास बनाए गए नए जोहड़ के आसपास डाल दिया जाता है। इसके बाद कूड़े को जला दिया जाता है। 2 अक्टूबर की घटना की शिकायत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से करते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। एनजीटी में 8 सितंबर को हुई थी सुनवाई खरखड़ा निवासी कांता देवी की शिकायत पर गांव में खुले में कूड़ा डालने और उचित निस्तारण नहीं होने का मामला पहले ही एनजीटी पहुंच चुका है। 8 सितंबर 2026 को एनजीटी की प्रधान पीठ में मामले की सुनवाई हुई थी। एनजीटी ने मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, ग्राम पंचायत खरखड़ा के सरपंच और रेवाड़ी के जिला उपायुक्त को प्रतिवादी बनाया है। संबंधित पक्षों से अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले जवाब मांगा गया है। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को निर्धारित है। तीन बार जुर्माने के बाद भी समस्या जारी रहने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि खुले में कूड़ा डालने के मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बीडीपीओ धारूहेड़ा पर तीन बार जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बावजूद गांव में कूड़ा डालने की समस्या खत्म नहीं हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ट्रैक्टरों में कूड़ा भरकर खाली जगहों पर डाल दिया जाता है, जिससे अलग-अलग स्थानों पर कूड़े के ढेर लग रहे हैं। 50 लाख के जोहड़ के आसपास भी कूड़ा शिकायतकर्ता के अनुसार करीब 50 लाख रुपए की लागत से तैयार नए जोहड़ के आसपास भी कूड़ा डाला जा रहा है। यह जगह आईजी साउथ रेंज कार्यालय, आवास और सेक्टर रोड के नजदीक बताई गई है। यहां से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में कूड़ा जलाने से उठने वाले धुएं और दुर्गंध को लेकर आपत्ति जताई गई है। अब ताजा घटना से फिर उठे सवाल एक तरफ कूड़ा निस्तारण का मामला एनजीटी में विचाराधीन है और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है, दूसरी तरफ गांधी जयंती के दिन खुले में कूड़ा जलाने के आरोप सामने आए हैं। ऐसे में अब संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई पर नजर है। अगली सुनवाई में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था और पर्यावरणीय नियमों के पालन को लेकर संबंधित पक्षों का जवाब भी सामने आ सकता है।

