कानपुर देहात में लेखपालों की विभिन्न मांगों को लेकर अब आंदोलन का ऐलान कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है शनिवार को लेखपाल सदर तहसील अकबरपुर में लेखपाल धरने पर बैठ गए है संगठन का कहना है कि लंबे समय से लेखपालों की कई समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। लेखपाल संघ के मुताबिक, पिछले 10 वर्षों से प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे की मांग और वेतन विसंगति दूर करने की मांग लंबित है। इसके अलावा करीब 8 वर्षों से अंतर मंडलीय स्थानांतरण नहीं होने, पिछले 2 वर्षों से पदोन्नति सूची जारी नहीं होने और करीब 16 वर्षों से भर्ती में वृद्धि नहीं होने की बात कही गई है। संघ ने यह भी आरोप लगाया है कि परिसीमन के बाद भी पटलों से लेखपालों को नहीं हटाया जा रहा है और प्रभारी राजस्व निरीक्षक से संबंधित कार्यों में भी लेखपालों से काम लिया जा रहा है। वहीं तकनीकी कार्यों के लिए पिछले पांच वर्षों से लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध नहीं कराने तथा तकनीकी कार्य करने के बावजूद तकनीकी पद घोषित नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। ग्राम सचिवालयों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और भत्ता बढ़ोतरी की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है। इसके साथ ही तहसील वार लेखपालों के परीक्षा परिणाम घोषित करने और स्थायीकरण की मांग भी रखी गई है। धरना-प्रदर्शन से आंदोलन की शुरुआत संघ के कार्यक्रम के मुताबिक 3 अक्टूबर को तहसील दिवस के बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन से आंदोलन की शुरुआत होगी। 8 अक्टूबर को समस्त ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार, 10 अक्टूबर को थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर कार्य और 12 अक्टूबर को तहसील व जिला मुख्यालय पर रेस्टन शिविर लगाकर आंदोलन किया जाएगा। लेखपाल संघ का कहना है इसके बाद 14 अक्टूबर को मोटरसाइकिल रैली, 17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना और 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया गया है। लेखपाल संघ का कहना है कि मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

