तिरहुत शिक्षक सीट का मुकाबला हुआ दिलचस्प:कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने निर्दलीय दाखिल किया नामांकन; बोले- शिक्षक मुद्दों पर मिल रहा समर्थन

तिरहुत शिक्षक सीट का मुकाबला हुआ दिलचस्प:कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने निर्दलीय दाखिल किया नामांकन; बोले- शिक्षक मुद्दों पर मिल रहा समर्थन

बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। शनिवार को बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। तिरहुत शिक्षक सीट के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। राजेश राठौड़ के निर्दलीय मैदान में उतरने से महागठबंधन के भीतर इस सीट पर अलग-अलग दावेदारी का सवाल भी चर्चा में है। हालांकि राठौड़ ने इसे गठबंधन में दरार के तौर पर देखने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह दलगत चुनाव नहीं है। इसमें शिक्षक मतदाता अपने मुद्दों और उम्मीदवार के काम को देखकर मतदान करते हैं। बोले- 10 साल से शिक्षकों की आवाज उठा रहा, इसलिए मैदान में उतरा नामांकन के बाद राजेश राठौड़ ने कहा कि वे पिछले 10 साल से शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, शिक्षक लगातार उन्हें चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहते रहे। इसी वजह से उन्होंने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। महागठबंधन में मतभेद के सवाल पर कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग है। उनके अनुसार, यहां मतदाता किसी पार्टी के नाम पर नहीं बल्कि शिक्षक और स्नातक हितों को ध्यान में रखकर मतदान करते हैं। समर्थन मिलने का जताया भरोसा राठौड़ ने पिछले चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछली बार एनडीए के उम्मीदवार तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में तीसरे और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चौथे स्थान पर रहे थे। इससे स्पष्ट है कि इन सीटों पर सिर्फ दल के आधार पर चुनाव नहीं होता। उनके अनुसार, जो उम्मीदवार शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं के मुद्दों के लिए काम करने की बात करेगा, उसे ही मतदाताओं का समर्थन मिलेगा। मैदान में कई प्रमुख चेहरे तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जबकि जनसुराज ने श्याम नंदन यादव को मैदान में उतारा है। जनसुराज से अलग होकर भूषण झा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। निवर्तमान विधान पार्षद संजय कुमार सिंह, जो सीपीआई से जुड़े हैं, इस सीट से चुनाव मैदान में हैं। 5 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की सूचना है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। तिरहुत शिक्षक सीट समेत बिहार की शिक्षक एवं स्नातक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है। बिहार विधान परिषद के तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। शनिवार को बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। तिरहुत शिक्षक सीट के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। राजेश राठौड़ के निर्दलीय मैदान में उतरने से महागठबंधन के भीतर इस सीट पर अलग-अलग दावेदारी का सवाल भी चर्चा में है। हालांकि राठौड़ ने इसे गठबंधन में दरार के तौर पर देखने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह दलगत चुनाव नहीं है। इसमें शिक्षक मतदाता अपने मुद्दों और उम्मीदवार के काम को देखकर मतदान करते हैं। बोले- 10 साल से शिक्षकों की आवाज उठा रहा, इसलिए मैदान में उतरा नामांकन के बाद राजेश राठौड़ ने कहा कि वे पिछले 10 साल से शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, शिक्षक लगातार उन्हें चुनाव मैदान में उतरने के लिए कहते रहे। इसी वजह से उन्होंने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। महागठबंधन में मतभेद के सवाल पर कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग है। उनके अनुसार, यहां मतदाता किसी पार्टी के नाम पर नहीं बल्कि शिक्षक और स्नातक हितों को ध्यान में रखकर मतदान करते हैं। समर्थन मिलने का जताया भरोसा राठौड़ ने पिछले चुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पिछली बार एनडीए के उम्मीदवार तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में तीसरे और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चौथे स्थान पर रहे थे। इससे स्पष्ट है कि इन सीटों पर सिर्फ दल के आधार पर चुनाव नहीं होता। उनके अनुसार, जो उम्मीदवार शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं के मुद्दों के लिए काम करने की बात करेगा, उसे ही मतदाताओं का समर्थन मिलेगा। मैदान में कई प्रमुख चेहरे तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा ने नरेंद्र प्रसाद सिंह को प्रत्याशी बनाया है, जबकि जनसुराज ने श्याम नंदन यादव को मैदान में उतारा है। जनसुराज से अलग होकर भूषण झा निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। निवर्तमान विधान पार्षद संजय कुमार सिंह, जो सीपीआई से जुड़े हैं, इस सीट से चुनाव मैदान में हैं। 5 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की सूचना है। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। इसके बाद 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। तिरहुत शिक्षक सीट समेत बिहार की शिक्षक एवं स्नातक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना निर्धारित है।  

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