मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में जीएनएम सेकंड ईयर की छात्रा ने खुदकुशी की कोशिश की है। शुक्रवार को एक साथ कई नींद की गोलियां खा ली। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा है। छात्रा की हालत नाजुक बताई जा रही है। वह नालंदा की रहने वाली है। पिता संजय कुमार ने हॉस्टल की वार्डन पर बेटी को पिछले करीब 6 महीने से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वार्डन कथित तौर पर जबरदस्ती अटेंडेंस काट देती थी। इस वजह से बेटी काफी परेशान थी और मानसिक दबाव में रह रही थी। इस मामले में SKMCH ओपी में आवेदन देने की तैयारी में हैं। पिता बोले- पहले भी प्रिंसिपल से की थी शिकायत संजय कुमार ने बताया कि बेटी पिछले करीब छह महीने से परेशान थी। उसने वार्डन के व्यवहार और अटेंडेंस काटे जाने को लेकर परिवार को जानकारी दी थी। कुछ महीने पहले उन्होंने कॉलेज के प्रिंसिपल से भी इसकी शिकायत की थी। शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को बेटी ने फोन कर कहा- ‘पापा, यहां बहुत परेशान किया जा रहा है, मैं अब नहीं रहूंगी।’ इसके कुछ देर बाद ही उसके साथियों से जानकारी मिली कि उसने नींद की गोलियां खा ली हैं। साथियों से जानकारी मिली, अस्पताल पहुंचे परिजन बेटी के नींद की गोलियां खाने की जानकारी मिलने के बाद परिजन SKMCH पहुंचे। पिता के अनुसार, उस समय उसकी हालत काफी गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे ICU में भर्ती किया और वेंटिलेटर पर रखा है। परिवार अब वार्डन पर लगाए गए आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है। पिता का कहना है कि वह पूरे मामले की शिकायत करेंगे। पुलिस को दिए जाने वाले आवेदन और छात्रा के बयान के आधार पर मामले की आगे जांच होगी। वहीं, वार्डन की ओर से लगाए गए आरोपों पर तत्काल पक्ष सामने नहीं आया है। जांच के लिए कमेटी का होगा गठन जीएनएम इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल राम अवतार शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। बच्ची का इलाज चल रहा है। जो भी आरोप लगाए गए हैं, उसकी जांच चल रही है। इस मामले में जांच कमेटी का भी गठन होगा। उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। जांच के बाद जो बातें सामने आएगी, उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बच्ची की हालत अभी स्थिर है। मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में जीएनएम सेकंड ईयर की छात्रा ने खुदकुशी की कोशिश की है। शुक्रवार को एक साथ कई नींद की गोलियां खा ली। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा है। छात्रा की हालत नाजुक बताई जा रही है। वह नालंदा की रहने वाली है। पिता संजय कुमार ने हॉस्टल की वार्डन पर बेटी को पिछले करीब 6 महीने से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वार्डन कथित तौर पर जबरदस्ती अटेंडेंस काट देती थी। इस वजह से बेटी काफी परेशान थी और मानसिक दबाव में रह रही थी। इस मामले में SKMCH ओपी में आवेदन देने की तैयारी में हैं। पिता बोले- पहले भी प्रिंसिपल से की थी शिकायत संजय कुमार ने बताया कि बेटी पिछले करीब छह महीने से परेशान थी। उसने वार्डन के व्यवहार और अटेंडेंस काटे जाने को लेकर परिवार को जानकारी दी थी। कुछ महीने पहले उन्होंने कॉलेज के प्रिंसिपल से भी इसकी शिकायत की थी। शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार को बेटी ने फोन कर कहा- ‘पापा, यहां बहुत परेशान किया जा रहा है, मैं अब नहीं रहूंगी।’ इसके कुछ देर बाद ही उसके साथियों से जानकारी मिली कि उसने नींद की गोलियां खा ली हैं। साथियों से जानकारी मिली, अस्पताल पहुंचे परिजन बेटी के नींद की गोलियां खाने की जानकारी मिलने के बाद परिजन SKMCH पहुंचे। पिता के अनुसार, उस समय उसकी हालत काफी गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे ICU में भर्ती किया और वेंटिलेटर पर रखा है। परिवार अब वार्डन पर लगाए गए आरोपों की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है। पिता का कहना है कि वह पूरे मामले की शिकायत करेंगे। पुलिस को दिए जाने वाले आवेदन और छात्रा के बयान के आधार पर मामले की आगे जांच होगी। वहीं, वार्डन की ओर से लगाए गए आरोपों पर तत्काल पक्ष सामने नहीं आया है। जांच के लिए कमेटी का होगा गठन जीएनएम इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल राम अवतार शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। बच्ची का इलाज चल रहा है। जो भी आरोप लगाए गए हैं, उसकी जांच चल रही है। इस मामले में जांच कमेटी का भी गठन होगा। उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। जांच के बाद जो बातें सामने आएगी, उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बच्ची की हालत अभी स्थिर है।

