पाली पुलिस ने शातिर नकबजनी गैंग का खुलासा करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिन में मंदिरों में पत्थर घिसाई और कमठा मजदूरी के दौरान सूने मकानों और मंदिरों की रैकी करते थे और रात में वारदात को अंजाम देते थे। सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए आरोपी वाहनों को घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में छिपाकर कच्चे व सुनसान रास्तों से चोरी की जगह तक पहुंचते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पाली, जालोर, सिरोही, राजसमंद और उदयपुर जिलों में दो दर्जन से अधिक नकबजनी की वारदातें करना स्वीकार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली वैन भी जब्त की है। गैंग को पकड़ने में साइबर सेल के कांस्टेबल शैलेंद्र भाटी की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने बनाई विशेष टीम सीओ ग्रामीण अमरसिंह रत्नू ने बताया- करीब दो महीने पहले गुंदोज के रोहिणी माता मंदिर में चोरी की वारदात हुई थी। मामले में गुड़ा एंदला थानाधिकारी दर्शन सिंह राठौड़, साइबर सेल प्रभारी गौतम आचार्य और गुंदोज चौकी प्रभारी समद सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आरोपियों के बारे में सुराग जुटाए और उन्हें पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। पूछताछ में आरोपियों ने गुंदोज के रोहिणी माता मंदिर सहित पाली, जालोर, सिरोही, उदयपुर और राजसमंद जिलों में दो दर्जन से अधिक नकबजनी की वारदातें करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दिन में मजदूरी रात में चोरी आरोपी दिन में मंदिरों में पत्थर घिसाई व कमठा मजदूरी का काम करते बाइक और कार से घूमकर सूने मकानों और मंदिरों की रैकी करते थे। रात में वारदात को अंजाम देने से पहले आसपास के लोगों की आवाजाही पर नजर रखते और जरूरत पड़ने पर पड़ोसी मकानों के बाहर से कुंडी लगा देते थे। सीसीटीवी से बचने के लिए वाहन घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर जंगल में छिपाकर कच्चे व सुनसान रास्तों से वारदात स्थल तक पहुंचते थे। चोरी का सामान औने-पौने दामों में बेच देते थे। इन आरोपियों को किया गिरफ्तार उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र के रावलिया गांव निवासी गोपाल (31) पुत्र हरजा, नाल पुलिस थाना गोगुंदा निवासी बंशी (24) पुत्र अणदाराम, उमा (22) उर्फ उमेश पुत्र अणदाराम, सुरेश (26) पुत्र धनाराम और गोपिया (26) उर्फ गोपीलाल पुत्र धनाराम को गिरफ्तार किया।

