4 अक्टूबर तक मौसम रहेगा साफ, 5 से बारिश के आसार

4 अक्टूबर तक मौसम रहेगा साफ, 5 से बारिश के आसार

जिले में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब मौसम में सुधार के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार 4 अक्टूबर तक जिले में मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहने की संभावना है। 3 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री और न्यूनतम 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। अगले पांच दिनों में तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। हालांकि, 5 और 6 अक्टूबर से आंशिक बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम सह कृषि सलाहकार मधुकर कुमार ने बताया कि बारिश के बाद कुछ दिनों का शुष्क मौसम खरीफ फसलों के लिए राहत देने वाला है। किसानों को इस दौरान खेतों की निगरानी करने के साथ जरूरी कृषि कार्य पूरे करने चाहिए। धान के खेतों में जलजमाव की स्थिति की जांच कर अतिरिक्त पानी की निकासी करने की सलाह दी गई है। लगातार नमी रहने से कीट और रोग का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे में किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और लक्षण दिखने पर आवश्यक प्रबंधन करने को कहा गया है। सब्जियों में निराई-गुड़ाई, तैयार फसल को सुरक्षित रखें सब्जी उत्पादकों को गोभी, टमाटर और मिर्च जैसी फसलों में निराई-गुड़ाई करने तथा खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है। कटाई के बाद तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखकर अच्छी तरह सुखाने को कहा गया है। किसानों से मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्य करने की अपील की गई है। 5 अक्टूबर के बाद गरज-चमक की स्थिति में खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जिले में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब मौसम में सुधार के संकेत हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार 4 अक्टूबर तक जिले में मौसम मुख्यतः साफ और शुष्क रहने की संभावना है। 3 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री और न्यूनतम 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। अगले पांच दिनों में तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। हालांकि, 5 और 6 अक्टूबर से आंशिक बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम सह कृषि सलाहकार मधुकर कुमार ने बताया कि बारिश के बाद कुछ दिनों का शुष्क मौसम खरीफ फसलों के लिए राहत देने वाला है। किसानों को इस दौरान खेतों की निगरानी करने के साथ जरूरी कृषि कार्य पूरे करने चाहिए। धान के खेतों में जलजमाव की स्थिति की जांच कर अतिरिक्त पानी की निकासी करने की सलाह दी गई है। लगातार नमी रहने से कीट और रोग का प्रकोप बढ़ सकता है। ऐसे में किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और लक्षण दिखने पर आवश्यक प्रबंधन करने को कहा गया है। सब्जियों में निराई-गुड़ाई, तैयार फसल को सुरक्षित रखें सब्जी उत्पादकों को गोभी, टमाटर और मिर्च जैसी फसलों में निराई-गुड़ाई करने तथा खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी गई है। कटाई के बाद तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखकर अच्छी तरह सुखाने को कहा गया है। किसानों से मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही कृषि कार्य करने की अपील की गई है। 5 अक्टूबर के बाद गरज-चमक की स्थिति में खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।  

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