सिरसा जिले के गांव गंगा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एक मरीज को पूरा इलाज न मिलने का आरोप लगा है। मरीज के बेटे ने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पीएचसी इंचार्ज ने आरोपों को गलत बताया है। गंगा निवासी सतविंदर शर्मा ने बताया कि उनकी माता 22 सितंबर से बीमार हैं। आरोप है कि पीएचसी में उन्हें जरूरी जांच और पूरा उपचार नहीं मिला। 24 सितंबर को डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन सहित स्टाफ भी मौजूद नहीं था। उसे अस्पताल परिसर में लगे शिविर में भेज दिया गया, लेकिन वहां भी उसकी माता को जरूरी इलाज नहीं मिला। जिसके बाद सतविंदर ने हेल्थ कैंप का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया के जरिए सरकार और मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने पीएचसी इंचार्ज की शिकायत पर उनका वीडियो डिलीट करवाकर समझौता करवाया। अब सतविंदर ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर पीएचसी की सेवाओं में सुधार, माता को उपचार और वीडियो डिलीट करवाने में पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की है। कुछ ग्रामीणों ने भी स्टाफ पर सवाल उठाए हैं। देखें युवक द्वारा सीएम को लिखी गई शिकायत की कॉपी…. पीएचसी इंचार्ज ने कहा, शिकायत गलत थी गंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की इंचार्ज डॉ. अमनदीप कौर ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि 22 सितंबर को मरीज को दवाई दी गई थी। 23 सितंबर को छुट्टी थी और 24 सितंबर को सरकारी कैंप आयोजित किया गया था। इसके बाद मरीज उनके पास नहीं आया। उन्होंने कहा कि शिकायत गलत थी और वीडियो में आपत्तिजनक कमेंट आने के कारण वीडियो डिलीट करवाया गया। चौकी प्रभारी बोले- भद्दे कमेंट की शिकायत मिली थी गोरीवाला चौकी प्रभारी सज्जन कुमार ने बताया कि गंगा पीएचसी इंचार्ज की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में सोशल मीडिया वीडियो पर काफी भद्दे कमेंट किए जाने की बात कही गई थी। इसी आधार पर वीडियो डिलीट करवाया गया। चौकी प्रभारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो डिलीट करवाया जा सकता है।

