Diveagar Students Death: महाराष्ट्र के दिवेआगर में समुद्र में डूबने से आठ छात्रों की मौत की खबर ने उनके परिवारों को झकझोर दिया। मृतक छात्र आलंंदी के रहने वाले थे और एक ही क्लास के माध्यम से कोकण की यात्रा पर गए थे। हादसे में छात्र शिव संतोष निचंग सुरक्षित बच गया, लेकिन उसके आठ दोस्तों की मौत हो गई।
महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शिव के माता-पिता ने बताया कि समुद्र में डूबने वाले सभी आठ छात्र उनके बेटे के अच्छे दोस्त थे। शिव को शुगर की बीमारी है और उसे समय-समय पर इंसुलिन लेना पड़ता है। उसके दोस्त हमेशा समय पर दवा और इंसुलिन लेने के लिए उसकी मदद करते थे। ऐसे में जिन दोस्तों को शिव की देखभाल करने की जिम्मेदारी दी गई थी, वही हादसे में उससे हमेशा के लिए बिछड़ गए।
फोन पर बेटे की आवाज सुनकर घबरा गए माता-पिता
शिव 11वीं कक्षा में विज्ञान वर्ग का छात्र है और आलंदी की विनर अकैडमी में क्लास करता है। गुरुवार (1 अक्टूबर) को तड़के करीब 3 बजे वह अपने क्लास के दोस्तों के साथ कोकण घूमने के लिए निकला था। शाम करीब 5 बजे दिवेआगर पहुंचने के बाद उसने फोन करके अपने माता-पिता और बड़ी बहन को वहां पहुंचने की जानकारी दी थी। कुछ देर बाद शिव के पिता संतोष निचंग के मोबाइल पर एक अभिभावक ने संदेश भेजकर बताया कि दिवेआगर में समुद्र में डूबने से आलंदी के क्लास के आठ छात्रों की मौत हो गई है। खबर पढ़ते ही शिव के पिता घबरा गए और उन्होंने तुरंत बेटे को फोन किया। हालांकि, उस समय शिव का फोन बंद आ रहा था।
‘मैं सुरक्षित हूं, लेकिन बाबा मेरे दोस्त डूब गए’
शिव का फोन बंद आने से परिवार की चिंता बढ़ गई। इसी दौरान मृत छात्रों के नामों की जानकारी भी सामने आने लगी। परिवार इन नामों को देख ही रहा था कि अचानक शिव का फोन आया। शिव ने अपने पिता से कहा कि मैं सुरक्षित हूं, मेरी चिंता मत करो, लेकिन बाबा… मेरे दोस्त डूब गए।” इतना कहते ही वह फोन पर फूट-फूटकर रोने लगा। बेटे के सुरक्षित होने की राहत के साथ उसके दोस्तों की मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
शिव के पिता संतोष निचंग ने बताया कि शिव को शुगर की समस्या होने के कारण उसके दोस्तों से उसकी विशेष देखभाल करने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि शिव के ये दोस्त उनके लिए भी बच्चों जैसे थे और इस घटना से परिवार को बहुत बड़ा दुख पहुंचा है।
दोस्तों की मौत से शिव का परिवार भी सदमे में
हादसे में जान गंवाने वाले सभी छात्र शिव के करीबी दोस्त थे। शिव अक्सर अपने परिवार में इन दोस्तों का जिक्र करता था। उसकी बहन भी उनमें से कई दोस्तों को जानती थी। शिव हादसे में सुरक्षित बच गया, लेकिन उसके आठ दोस्तों की मौत ने पूरे परिवार को अंदर तक झकझोर दिया है। छात्रों के समुद्र में डूबने की खबर मिलते ही आलंदी और आसपास के इलाकों में लोग मोबाइल फोन के जरिए बाकी छात्रों की जानकारी लेने लगे। कई अभिभावक क्लास के बाहर पहुंच गए और अपने बच्चों की जानकारी के लिए परेशान नजर आए।
छात्रों की मौत पर आज आलंदी बंद का आह्वान
दिवेआगर हादसे में युवाओं की असमय मौत के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए शुक्रवार (2 अक्टूबर) को आलंदी बंद का आह्वान किया गया है। नगराध्यक्ष प्रशांत कुऱ्हाडे ने बताया कि बंद से जरूरी सेवाओं को बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि आळंदी के लोग स्वेच्छा से इस बंद में शामिल होंगे।

