मथुरा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार सुबह जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर में दोनों महान विभूतियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और आदर्शों को याद करते हुए जनपदवासियों से उनके बताए मार्ग पर चलने की अपील की। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन देश के लिए विशेष महत्व रखता है। यह दिन हमें दो महान व्यक्तित्वों के विचारों, सिद्धांतों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद करने का अवसर देता है। महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, प्रेम, अनुशासन और आत्मबल के माध्यम से न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता का संदेश दिया। उनके विचारों ने यह साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मबल से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। गांधीजी के नेतृत्व में देश ने स्वतंत्रता आंदोलन में नई ऊर्जा प्राप्त की और आजादी की राह प्रशस्त हुई। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शास्त्री जी सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ संकल्प के प्रतीक थे। उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर देश के जवानों और किसानों का मनोबल बढ़ाया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने देश को एकजुट रखने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य किया। उनके विचार और सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि समाज के लोग गांधीजी और शास्त्रीजी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तो आपसी भाईचारा, प्रेम और सद्भाव बढ़ेगा। छोटे-मोटे विवादों से बचकर समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने जनपदवासियों से आह्वान किया कि वे दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके विचारों को व्यवहार में उतारें। इससे समाज, प्रदेश और देश की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

