मुंगेर में साइक्लोन अर्णव के असर और पांच दिनों की बारिश से गंगा का जलस्तर फिर बढ़ गया है। गुरुवार शाम मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.94 मीटर दर्ज हुआ, जो वार्निंग लेवल 38.33 मीटर से 61 सेंटीमीटर ऊपर है। खतरे का निशान 39.33 मीटर है, यानी गंगा अब इससे सिर्फ 39 सेंटीमीटर नीचे है। शुक्रवार को भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है। अगर रविवार तक पानी बढ़ता रहा, तो गंगा खतरे के निशान को पार कर सकती है। वार्निंग लेवल पार करते ही गंगा का पानी दियारा और निचले इलाकों में फिर फैलने लगा है। जिन इलाकों से पानी पहले घटा था, वहां दोबारा पहुंच रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने कटाव वाले क्षेत्रों और घरों में पानी घुसने वाले इलाकों पर नजर रखी है। पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शहर के लाल दरवाजा तक पहुंचा गंगा का पानी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के साथ अब इसका असर शहरी क्षेत्र में भी दिखने लगा है। गुरुवार को नगर निगम क्षेत्र के लाल दरवाजा-गीता बाबू रोड तक गंगा का पानी पहुंच गया। वहीं, श्रीकृष्ण सेतु के नीचे निर्माणाधीन रिंग रोड पर भी पानी पहुंच चुका है। शहर के प्रमुख गंगा घाट कष्टहरणी घाट पर पानी तेज रफ्तार से बह रहा है। सुरक्षा को देखते हुए बबुआ घाट और सोझी घाट पर बांस-बल्ले से बैरिकेडिंग कर दी गई है। यहां गोताखोरों की भी तैनाती की गई है।
चंडिका स्थान में दोबारा पानी पहुंचने की आशंका गंगा किनारे बसे नगर निगम क्षेत्र के अन्य मोहल्लों में भी पानी घरों के समीप पहुंचने लगा है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण शक्तिपीठ चंडिका स्थान में भी दोबारा गंगा का पानी पहुंचने की आशंका बन गई है। इससे मंदिर और आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि ऊपर की ओर गंगा का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। मुंगेर में फिलहाल जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन यहां भी जल्द कमी आने की संभावना है। जिला प्रशासन गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। मुंगेर में साइक्लोन अर्णव के असर और पांच दिनों की बारिश से गंगा का जलस्तर फिर बढ़ गया है। गुरुवार शाम मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.94 मीटर दर्ज हुआ, जो वार्निंग लेवल 38.33 मीटर से 61 सेंटीमीटर ऊपर है। खतरे का निशान 39.33 मीटर है, यानी गंगा अब इससे सिर्फ 39 सेंटीमीटर नीचे है। शुक्रवार को भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है। अगर रविवार तक पानी बढ़ता रहा, तो गंगा खतरे के निशान को पार कर सकती है। वार्निंग लेवल पार करते ही गंगा का पानी दियारा और निचले इलाकों में फिर फैलने लगा है। जिन इलाकों से पानी पहले घटा था, वहां दोबारा पहुंच रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने कटाव वाले क्षेत्रों और घरों में पानी घुसने वाले इलाकों पर नजर रखी है। पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शहर के लाल दरवाजा तक पहुंचा गंगा का पानी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के साथ अब इसका असर शहरी क्षेत्र में भी दिखने लगा है। गुरुवार को नगर निगम क्षेत्र के लाल दरवाजा-गीता बाबू रोड तक गंगा का पानी पहुंच गया। वहीं, श्रीकृष्ण सेतु के नीचे निर्माणाधीन रिंग रोड पर भी पानी पहुंच चुका है। शहर के प्रमुख गंगा घाट कष्टहरणी घाट पर पानी तेज रफ्तार से बह रहा है। सुरक्षा को देखते हुए बबुआ घाट और सोझी घाट पर बांस-बल्ले से बैरिकेडिंग कर दी गई है। यहां गोताखोरों की भी तैनाती की गई है।
चंडिका स्थान में दोबारा पानी पहुंचने की आशंका गंगा किनारे बसे नगर निगम क्षेत्र के अन्य मोहल्लों में भी पानी घरों के समीप पहुंचने लगा है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण शक्तिपीठ चंडिका स्थान में भी दोबारा गंगा का पानी पहुंचने की आशंका बन गई है। इससे मंदिर और आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। डीएम निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि ऊपर की ओर गंगा का जलस्तर घटना शुरू हो गया है। मुंगेर में फिलहाल जलस्तर बढ़ रहा है, लेकिन यहां भी जल्द कमी आने की संभावना है। जिला प्रशासन गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।

