Drishyam 3 The Conclusion: अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। भारतीय सिनेमा की कामयाब फ्रेंचाइजी में से एक ‘दृश्यम’ की ये आखिरी फिल्म है। इस फिल्म में जबरदस्त सस्पेंस और थ्रिल देखने को मिलता है। कई बार ऐसा लगता है कि आप थिएटर में अपनी सीट से उठिए और शानदार सिनेमैटोग्राफी और डायलॉग के लिए तालियां बजाएं। इस फिल्म में कई ऐसे सीन देखने को मिलते हैं जो एक बार के लिए तो सांसों को थाम देते हैं। चलिए बात करते हैं फिल्म के उन सीन्स की जो वाकई तारीफ के काबिल हैं।
विजय सलगांवकर की बेबसी
फिल्म में एक सीन आता है जिसमें विजय अपनी बेटी के रिश्ते की बात करता है। विजय की बेटी को लड़के वाले देखने के लिए आते हैं और रिश्ता फाइनल कर ही देते हैं कि ऊपर से राजवीर तोमर, एसपी क्राइम ब्रांच की एंट्री हो जाती है, जो कि सीन के हिसाब से अपना पूरा तड़का लगा देते हैं लेकिन विजय चाहकर भी कुछ नहीं कर पाता और उसकी बेटी का रिश्ता वही टूट जाता है।
तब्बू करती है जान लेने की कोशिश
इस फिल्म की शुरुआत में ही एक ऐसा सीन दिखाया गया है जो एक पल के लिए थोड़ा परेशान कर देता है। फिल्म में तब्बू उस किरदार में वापसी करती हैं जो अपने बेटे के इंसाफ ना मिल पाने के कारण अंदर से बुरी तरह टूट चुकी होती है। ऐसे में वो अपनी जान लेने की कोशिश करती है और इस जिंदगी से मुक्ति चाहती है।
कब्र की बॉडी का खुलासा
फिल्म में विजय को सजा दिलाने वालों के लिए सबसे अहम और बड़ा सबूत साबित होती है कब्र से बाहर निकालकर समीर देशमुख के कंकाल से बदली वो बॉडी, जिसके ऊपर ये पूरी कहानी बेस्ड है। पुलिस के पक्ष को यही साबित करना है कि बॉडी का ये कंकाल समीर का नहीं, बल्कि किसी और का है जिसकी बॉडी कब्र से विजय ने पैसे देकर निकलवाई है।
विजय सलगांवकर की कॉल रिकॉर्डिंग
जब अदालत में इस मामले की सुनवाई हो रही होती है तो विजय और उसके परिवार की कॉल रिकॉर्डिंग सबसे बड़ा सबूत साबित होती है इस उलझी हुई कहानी को सुलझाने के लिए। ऐसे में जब कोर्ट में ये रिकॉर्डिंग प्ले होती है तो पूरा का पूरा खेल ही पलट जाता है।
कब्र की खुदाई से कंकाल मिला या नहीं?
ये इस फिल्म का सबसे अहम और बड़ा सीन है जिसके ऊपर विजय और उसके परिवार की किस्मत टिकी होती है। कब्र की खुदाई से कंकाल मिला या नहीं, जब इस बात का खुलासा होता है कि दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो जाते हैं।

