आज 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के 300 से ज्यादा किसानों ने गाजीपुर बार्डर पर हवन किया। पुलिस की मौजूदगी में किसान यहां जुटे, जिसमें महिलाएं भी मौजूद रहीं। पिछले 8 साल से किसान हर साल आज के किसान क्रांति यात्रा की वर्षगांठ पर यहां हवन करते हैं। किसान नेताओं ने कहा कि जल्द ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत आगामी कार्यक्रमों का ऐलान करेंगे। किसान अपनी मांग को लेकर हमेशा लड़ाई लड़ते रहे हैं, और आगे भी लड़ते रहेंगे। 2018 में पुलिस ने किया था लाठीचार्ज साल 2018 में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले हजारों किसानों ने हरिद्वार से दिल्ली तक किसान क्रांति यात्रा निकाली गई थी। इस यात्रा का नेतृत्व राकेश टिकैत कर रहे थे। जहां किसानों को दिल्ली में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पहुंचना था। लेकिन गाजीपुर बार्डर जो दिल्ली और यूपी का बार्ड है, यहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। जिसमें कई किसानों को चोट भी पहुंची थी। तभी से किसान क्रांति यात्रा की वर्षगांठ 2 अक्टूबर को गाज़ीपुर बॉर्डर पर मनाते हैं। जिसमें भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल होते हैं। पुलिस फोर्स रही मौजूद, हवन किया गाजीपुर बॉर्डर का नाम किसान नेता राकेश टिकैत द्वारा किसान क्रांति की गेट रखने की घोषणा की गई थी। इसके बाद हर साल 2 अक्टूबर को किसान यहां पहुंचकर उस आंदोलन और किसानों के साथ हुई घटना को याद करते हैं। आज किसानों ने हवन किया। इस दौरान पुलिस फोर्स भी मौजूद रही। भारतीय किसान यूनियन के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने कहा, किसान अपने साथ हुए अत्याचार को कभी नहीं भूलते। हम हर साल 2 अक्टूबर को किसान गाज़ीपुर बॉर्डर पहुंचते हैं। और 2018 के आंदोलन को याद करते हैं। किसान हम कभी भी कमजोर नहीं थे, न ही होंगे। अपनी मांगों को लेकर हमारा आंदोलन हमेशा चलता रहेगा। आगे की रणनीति तैयार की जा रही विजेंद्र सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे। वह पूरे नहीं हुए। अब किसान अपने मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति बना रहे हैं। यह भी कहा कि राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में आने वाले समय में किसानों के मुद्दे को लेकर बड़े आंदोलन की रणनीति तैयारी है।

