कोटा में मानसूनी गतिविधियों का दौर थमने के साथ ही गर्मी बढ़ने लगी हैं। हालांकि न्यूनतम तापमान में गिरावट होने से रात में ठंडक है। शहर में आज सुबह हल्की धूप खिली हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटे के दौरान मानसून पूरी तरह विदा होने की संभावना जताई है। इससे पहले गुरुवार अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि न्यूनतम पारा एक डिग्री गिर कर 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इधर, ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) में तहत बने पहले बांध नवनेरा के तड़के 5 बजे 5 गेट खोलकर पानी डिस्चार्ज किया जा रहा हैं।
जल संसाधन विभाग के JEN मनोज चौधरी ने बताया कि बांध की क्षमता 217 मीटर है। बांध में परवन नदी, कालीसिंघ, छापी डेम में लगातार पानी की आवक हो रही है। इस कारण नवनेरा बांध से आज डिस्चार्ज बढ़ाया हैं। 5 गेट एक-एक मीटर खोलकर 50 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही हैं। कुछ घंटे बाद पानी की निकासी बढ़ाकर 75 हजार क्यूसेक की जाएगी। वर्तमान में बांध में 217 मीटर पानी है। जल संसाधन विभाग ने बांध के भराव क्षेत्र व नदी के बहाव से दूरी बनाए रखने की अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 22% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में जून से सितंबर तक औसत 732.2 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 571.8 मिमी बारिश हुई है। बांधों की स्थिति गांधी सागर- मध्य प्रदेश के मंदसौर तहसील में बना गांधी सागर चंबल नदी का बड़ा बांध है। इस बांध की क्षमता 1312 फीट है। 2अक्टूबर सुबह 8 बजे तक गांधी सागर 1302.45 फीट भरा है। राणा प्रताप सागर- चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा तहसील में बना है। इस बांध की क्षमता 1157 फीट है। 2अक्टूबर सुबह 8 बजे तक राणा प्रताप सागर 1143.13 फीट भरा है। जवाहर सागर बांध- बूंदी जिले के तालेड़ा तहसील में बना है। इस बांध की क्षमता 980 फीट है। 2 अक्टूबर सुबह 8 बजे तक जवाहर सागर 973.4 फीट भरा है। कोटा बैराज- कोटा बैराज की क्षमता 854 फीट है। 2 अक्टूबर सुबह 8 बजे तक कोटा बैराज 852.20 फीट भरा है।

