भास्कर न्यूज | अमृतसर विजिलेंस द्वारा पावरकॉम सिटी सेंटर के एक्सईएन इंजी. मनदीप सिंह बमराह और एडिशनल एसडीओ दीपइंदर सिंह पर 8 साल पुरानी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किए जाने से पावरकॉम अधिकारियों और कर्मचारियों में रोष फैल गया है। इस कार्रवाई के विरोध में सिटी सर्किल की ज्वाइंट फोरम एक्शन कमेटी के बैनर तले कर्मचारियों ने वीरवार को सिटी सर्किल कार्यालय परिसर में सरकार और विजिलेंस विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी व रोष प्रदर्शन किया। सुबह से लेकर दोपहर बाद तक चले धरना-प्रदर्शन में एसडीओ, जेई काउंसिल, टीएसयू, ऑल कैडर पेंशनर्स एसोसिएशन समेत पूरा ऑफिस व टेक्निकल स्टाफ एकजुट होकर शामिल हुआ। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि झूठी एफआईआर तुरंत रद्द नहीं की गई, तो तीखा आंदोलन छेड़ा जाएगा। 8 साल पुरानी शिकायत पर एक्सईएन, एसडीओ पर केस का विरोध इंजीनियर एसोसिएशन ने को-ऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है। इस संबंध में वेरका रेस्ट हाउस में आपात बैठक बुलाई गई। अधिकारियों ने बताया कि विजिलेंस ने इंजीनियर मनदीप सिंह बमराह और एडीशनल एसडीओ दीपइंदर सिंह को 8 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया है, जबकि पावरकॉम की विभागीय जांच में दोनों निर्दोष पाए गए थे। इंजीनियरों का आरोप है कि शिकायतकर्ता बिजली चोर है, जिसने कार्रवाई से बचने के लिए झूठे आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रधान मदन लाल शर्मा ने कहा कि विजिलेंस विभाग ने बिना किसी पुख्ता सबूत के एक होटल मालिक की झूठी शिकायत पर ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया । प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिस होटल मालिक की शिकायत पर 8 साल बाद मामला दर्ज किया गया है, वह खुद तीन बार बिजली चोरी करता पकड़ा जा चुका है। पावरकॉम की अलग-अलग टीमों ने उसके दोनों होटलों में छापेमारी कर करीब 25 लाख का जुर्माना भी ठोका था।

